Motihari News: मोतिहारी में पुलिसिंग व्यवस्था को तकनीक के माध्यम से और प्रभावी बनाने के लिए शनिवार को पुलिस सभागार में CCTNS/PSM के कामकाज की गहन समीक्षा की गयी. एसपी स्वर्ण प्रभात एवं मुख्यालय डीएसपी की संयुक्त अध्यक्षता में हुई बैठक में CCTNS/PSM से जुड़े पदाधिकारी, डाटा ऑपरेटर और पुलिसकर्मी शामिल हुए. इस दौरान थानों में दर्ज मामलों की ऑनलाइन प्रविष्टि, केस अपडेट, लंबित डाटा और तकनीकी समस्याओं की बिंदुवार समीक्षा की गयी.
CCTNS के लंबित डाटा को जल्द पूरा करने का दिया निर्देश
बैठक में एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि CCTNS से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए. थानों में दर्ज मामलों से संबंधित आवश्यक डाटा और अभिलेखों को सही, पूर्ण और समयबद्ध तरीके से अपडेट करने को कहा गया. लंबित प्रविष्टियों को शीघ्र पूरा करने के साथ केस से जुड़े रिकॉर्ड को नियमित रूप से अद्यतन रखने का निर्देश दिया गया.
केस रिकॉर्ड में गलती और अपडेट में देरी से कार्रवाई प्रभावित
एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड पुलिस अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है. डाटा में त्रुटि या रिकॉर्ड अपडेट करने में देरी से केस की कार्रवाई प्रभावित हो सकती है. इसलिए प्रत्येक स्तर पर सही डाटा दर्ज करने और समय पर अपडेट सुनिश्चित करने की जरूरत है.
PSM के संचालन और लंबित मामलों की भी हुई समीक्षा
बैठक के दौरान PSM के संचालन की भी समीक्षा की गयी. अधिकारियों ने डाटा एंट्री की प्रगति, लंबित मामलों की स्थिति और सामने आ रही तकनीकी अड़चनों की जानकारी ली. संबंधित कर्मियों को तकनीकी कमियों को तत्काल दूर करने और लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया.
डिजिटल रिकॉर्ड से पुलिसिंग में बढ़ेगी पारदर्शिता
एसपी ने कहा कि CCTNS के माध्यम से पुलिस रिकॉर्ड को व्यवस्थित और डिजिटल रूप से अद्यतन रखने से अनुसंधान की गुणवत्ता बेहतर होगी. इससे पुलिसिंग में पारदर्शिता बढ़ने के साथ कामकाज की गति भी तेज होगी. उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की हिदायत दी.
थानों के रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट रखने पर जोर
बैठक में थानों में दर्ज मामलों के रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट रखने पर विशेष जोर दिया गया. अधिकारियों को लंबित प्रविष्टियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और किसी भी तकनीकी समस्या की जानकारी तत्काल संबंधित स्तर पर देने को कहा गया. पुलिस की डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कार्यों की लगातार समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया.
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