Motihari News: वर्षों से सेवा समायोजन की मांग कर रहे बेल्ट्रॉन कर्मियों ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा गठित 7 सदस्यीय समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. कर्मियों ने समिति की मौजूदा कार्यवाही का सर्वसम्मति से बहिष्कार करने का फैसला लिया है.
कर्मियों का आरोप है कि समिति सेवा समायोजन के मूल मुद्दे पर निर्णय लेने के बजाय मामले को अनावश्यक रूप से लंबित कर रही है.
बैठक में लिया गया बहिष्कार का निर्णय
जिलाध्यक्ष संतोष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बेल्ट्रॉन कर्मियों ने समिति की वर्तमान कार्यप्रणाली का बहिष्कार करने का निर्णय लिया.
कर्मियों ने सरकार से सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और महाधिवक्ता के मंतव्य के अनुरूप स्पष्ट नीति बनाकर जल्द सेवा समायोजन लागू करने की मांग की.
15 दिनों में डेटा उपलब्ध कराने का दिया गया था निर्देश
बेल्ट्रॉन कर्मियों ने बताया कि 10 जुलाई 2026 को सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद जारी कार्यवृत्त में सभी विभागों से संविदा कर्मियों का डेटा 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था.
उनका कहना है कि अब सरकार को इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर नीति लागू करनी चाहिए.
एक माह का अल्टीमेटम
बैठक में कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सेवा समायोजन की नीति लागू नहीं की गई, तो वे अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए संवैधानिक और कानूनी कदम उठाने को बाध्य होंगे.
बड़ी संख्या में कर्मी रहे मौजूद
बैठक में सचिव प्रदीप कुमार राय, रामापति प्रसाद, विवेक कुमार, संयोग कुमार, सोनू कुमार राम, पंकज कुमार, रोहित कुमार, प्रवक्ता मंटू कुमार गुप्ता, सतीश कुमार और मो. आरिफ सैफी सहित बड़ी संख्या में बेल्ट्रॉन कर्मी उपस्थित रहे.
फिलहाल बेल्ट्रॉन कर्मी सरकार की ओर से सेवा समायोजन पर स्पष्ट नीति जारी होने का इंतजार कर रहे हैं.
