मोतिहारी में 38 पैक्स पर सीएमआर गड़बड़ी की जांच, 5 करोड़ के नुकसान पर एफआईआर की तैयारी

पूर्वी चंपारण में 38 पैक्सों द्वारा धान अधिप्राप्ति के तहत कस्टमाइज्ड मिल्ड राइस (सीएमआर) जमा नहीं करने पर सहकारिता विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. लगभग 5 करोड़ रुपये की सरकारी राशि पर संकट मंडरा रहा है, जिससे सरकारी धन के गबन की आशंका जताई जा रही है.

Motihari News: पूर्वी चंपारण में धान अधिप्राप्ति वर्ष 2025-26 के तहत कस्टमाइज्ड मिल्ड राइस (सीएमआर) जमा नहीं करने वाले 38 पैक्सों के खिलाफ सहकारिता विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. विभागीय समय-सीमा समाप्त होने और कई बार तिथि बढ़ाने के बावजूद संबंधित समितियों द्वारा सीएमआर जमा नहीं किए जाने से करीब 5 करोड़ रुपये की सरकारी राशि पर संकट उत्पन्न हो गया है. विभाग ने प्रथम दृष्टया सरकारी धन के गबन की आशंका जताते हुए दोषी पैक्स अध्यक्षों और प्रबंधकों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है.

98.06 प्रतिशत लक्ष्य पूरा, फिर भी 38 पैक्स डिफॉल्टर

जिला सहकारिता पदाधिकारी प्रिंस अनुपम ने बताया कि जिले को कुल 10 लाख 4 हजार 367 क्विंटल सीएमआर जमा करने का लक्ष्य मिला था. इसके विरुद्ध अब तक 9 लाख 86 हजार 284 क्विंटल सीएमआर प्राप्त हुआ है, जो कुल लक्ष्य का 98.06 प्रतिशत है. इसके बावजूद 48.79 लॉट सीएमआर अब भी बकाया है, जो 38 पैक्स समितियों के पास लंबित है.

सरकारी राशि के गबन की आशंका

डीसीओ ने कहा कि निर्धारित अवधि के बाद भी सीएमआर जमा नहीं करना गंभीर मामला है. प्रथम दृष्टया यह सरकारी राशि के गबन की मंशा प्रतीत होती है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में स्टॉक में गड़बड़ी या सीएमआर गायब मिलने की पुष्टि होती है तो संबंधित पैक्स अध्यक्षों और प्रबंधकों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.

संयुक्त भौतिक सत्यापन के बाद होगी एफआईआर

मुख्यालय के निर्देश के अनुसार सभी डिफॉल्टर पैक्सों का संयुक्त भौतिक सत्यापन कराया जाएगा. जांच टीम में राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक और जिला सहकारिता पदाधिकारी शामिल रहेंगे. दोनों अधिकारी मौके पर जाकर स्टॉक, अभिलेखों और वित्तीय रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगे. जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने और सरकारी राशि की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

विभाग ने दी सख्त चेतावनी

जिला सहकारिता पदाधिकारी प्रिंस अनुपम ने कहा कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दोषी पाए जाने वाले पैक्सों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

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By Amresh kumar singh

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