Raxaul News: रक्सौल. उत्तर बिहार के छह जिलों से कटे होंठ, कटे तालू एवं टंग-टाई की समस्या से प्रभावित करीब 60 बच्चे अपने माता-पिता और अभिभावकों के साथ रक्सौल के डंकन अस्पताल पहुंचे. बच्चों को निःशुल्क सर्जरी शिविर में उपचार के लिए लाया गया है. इनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और दरभंगा जिले के बच्चे शामिल हैं.
बच्चों को उनके संबंधित जिला मुख्यालयों से 18 एंबुलेंस के माध्यम से सुरक्षित रूप से रक्सौल लाया गया. उनके साथ राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीमें भी मौजूद रहीं. अस्पताल पहुंचने के बाद बच्चों का पंजीकरण, स्क्रीनिंग और चिकित्सकीय जांच की प्रक्रिया शुरू की गयी.
छह जिलों से रक्सौल पहुंचे 60 बच्चे
निःशुल्क सर्जरी शिविर के लिए पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और दरभंगा से करीब 60 बच्चों को रक्सौल लाया गया.
बच्चों को उनके संबंधित जिला मुख्यालयों से 18 एंबुलेंस के जरिए डंकन अस्पताल पहुंचाया गया. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीमें भी बच्चों के साथ रहीं और उनके अस्पताल तक पहुंचने की व्यवस्था में सहयोग किया.
डंकन अस्पताल में शुरू हुई स्क्रीनिंग
अस्पताल पहुंचने पर बच्चों और उनके अभिभावकों का स्वागत डंकन अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. प्रभु जोसेफ, अस्पताल कर्मियों, स्वयंसेवकों और लव विथआउट रिजन फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने किया.
इसके बाद बच्चों का पंजीकरण कराया गया. स्क्रीनिंग और चिकित्सकीय जांच के माध्यम से सर्जरी के लिए बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया जा रहा है.
25 सितंबर तक चलेगा निःशुल्क सर्जरी शिविर
डंकन अस्पताल में सर्जरी रविवार से शुरू होकर 25 सितंबर तक चलेगी. शिविर के दौरान सर्जरी समेत आवश्यक उपचार सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध करायी जा रही हैं.
शिविर का आयोजन डंकन अस्पताल की ओर से लव विथआउट रिजन फाउंडेशन के सहयोग और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीमों के समर्थन से किया गया है. इसका उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराना है.
बच्चों और अभिभावकों की मदद में जुटे स्वयंसेवक
शिविर में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक भी बच्चों और उनके परिवारों की सहायता में जुटे हैं. अस्पताल पहुंचने से लेकर पंजीकरण, जांच और अन्य प्रक्रियाओं में स्वयंसेवकों की ओर से सहयोग किया जा रहा है.
निःशुल्क उपचार की जानकारी मिलने पर कई अभिभावकों ने राहत और खुशी व्यक्त की. उनके अनुसार, आर्थिक कारणों से जिन बच्चों का उपचार कराना मुश्किल था, उनके लिए यह शिविर महत्वपूर्ण अवसर है.
बेहतर स्वास्थ्य और आत्मविश्वास देने की पहल
शिविर का उद्देश्य केवल बच्चों की सर्जरी करना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य और जीवन की बेहतर गुणवत्ता उपलब्ध कराना भी है. कटे होंठ, कटे तालू और टंग-टाई जैसी समस्याओं से प्रभावित बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है.
आयोजकों के अनुसार, उपचार के बाद बच्चों के स्वास्थ्य के साथ उनके आत्मविश्वास को भी बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है. डंकन अस्पताल और सहयोगी संस्थाओं की ओर से शिविर के दौरान बच्चों और उनके परिवारों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है.
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