मोतिहारी से राज निखिल की रिपोर्ट
Motihari Hospital Inspection: मोतिहारी सदर अस्पताल में मंगलवार को उस समय हलचल बढ़ गई, जब बिहार विधानसभा की याचिका समिति निरीक्षण के लिए पहुंची. समिति ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का जायजा लिया, मरीजों से सीधे बातचीत की और निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में सक्रिय दलाली प्रथा तथा अवैध निजी एंबुलेंस संचालन पर कड़ी नाराजगी जताई.
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मरीजों से सीधे पूछा इलाज का हाल
याचिका समिति के अध्यक्ष जनक सिंह अपने समिति सदस्यों के साथ सदर अस्पताल पहुंचे.
उन्होंने इमरजेंसी वार्ड, जनरल वार्ड समेत विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया. इस दौरान मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर इलाज, दवा, जांच और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली.
साथ ही अस्पताल की साफ-सफाई, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यप्रणाली का भी आकलन किया गया.
दलाली प्रथा पर जताई सख्त नाराजगी
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में समिति अध्यक्ष जनक सिंह ने अस्पताल परिसर में सक्रिय दलालों पर कड़ी नाराजगी जताई.
उन्होंने कहा कि दलालों की मौजूदगी गंभीर चिंता का विषय है. इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों का आर्थिक शोषण होता है. उन्होंने अस्पताल प्रशासन को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया, ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
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निजी एंबुलेंस संचालन पर भी उठाए सवाल
समिति ने अस्पताल परिसर में अवैध रूप से खड़ी निजी एंबुलेंसों के संचालन पर भी आपत्ति दर्ज की.
जनक सिंह ने कहा कि बड़ी संख्या में निजी एंबुलेंसों का जमावड़ा उचित नहीं है. इससे मरीज और उनके परिजन भ्रमित होते हैं तथा कई मामलों में उनसे मनमाना किराया वसूला जाता है.
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और विस्तृत रिपोर्ट याचिका समिति को सौंपी जाएगी. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
बुनियादी सुविधाओं का भी लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान समिति ने अस्पताल परिसर में पेयजल, शौचालय, मरीजों के बैठने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया.
समिति ने अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक सुधार के सुझाव देते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों को जल्द दूर करने को कहा.
सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
याचिका समिति ने भरोसा दिलाया कि निरीक्षण के दौरान सामने आए सभी बिंदुओं को राज्य सरकार के समक्ष रखा जाएगा.
समिति का कहना है कि उद्देश्य मोतिहारी सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है.
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