Minister Deepak Prakash: 'इस मामले में अब तक जजमेंट नहीं आया है. सुनवाई अभी होनी है. जो कुछ भी होगा बिहार सरकार जवाब देगी.' यह जवाब मंत्री दीपक प्रकाश ने दिया है. दीपक प्रकाश के बिहार सरकार में मंत्री बने रहने को लेकर चर्चा तेज हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने तो सीधा राज्य सरकार से ही सवाल कर दिया है कि आखिर वे अब तक मंत्री पद पर कैसे बने हुए हैं.
मंत्री दीपक प्रकाश ने और क्या कहा?
शुक्रवार को मंत्री दीपक प्रकाश से मीडियाकर्मियों ने सवाल किया. मीडिया ने सुप्रीम कोर्ट के सवाल और विपक्ष की तरफ से किए गए कटाक्ष को लेकर सवाल किया था. इस पर मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा, जो कुछ भी है संविधान के प्रावधानों के हिसाब से है. एनडीए के तमाम नेताओं के आशीर्वाद से पद पर हैं. अब इस मामले में निर्णय सुप्रीम कोर्ट को करने दीजिए, राष्ट्रीय जनता दल के लोगों को नहीं.
भाई वीरेंद्र ने बोला हमला
दीपक प्रकाश के मंत्री पद पर बने रहने को लेकर राजद के विधायक भाई वीरेंद्र ने तंज कसा है. भाई वीरेंद्र ने कहा, अगर दीपक प्रकाश 6 महीने से मंत्री पद पर हैं और अभी तक किसी सदन के सदस्य नहीं हैं, तो सरकार को इस मामले में तत्काल जवाब देना चाहिए. भाई वीरेंद्र के अलावा अन्य विपक्ष के नेताओं ने भी सवाल खड़े किए.
कोर्ट में क्या-क्या हुआ?
सुप्रीम कोर्ट ने दीपक प्रकाश के बिना किसी सदन का सदस्य बने 6 महीने से अधिक समय तक मंत्री पद पर रहने के मामले में सख्त रुख अपनाया. कोर्ट ने बिहार सरकार से सीधा जवाब मांगा है कि जब वे अब तक विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं बने हैं, तो वे इस पद पर कैसे बने रह सकते हैं.
इस पूरे मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ में हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से संविधान और कानून से जुड़ा सवाल है. राज्य सरकार को यह बताना होगा कि बिना चुने गए कोई व्यक्ति 6 महीने की तय सीमा के बाद भी मंत्री पद पर कैसे रह सकता है. सरकार के वकील ने कोर्ट में कहा कि मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होनी है और अदालत का जो भी आदेश होगा, उसका पूरा पालन किया जाएगा.
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