Martyr Shubham Kumar News (जहानाबाद से अश्विनी कुमार की रिपोर्ट): देश की सेवा करते हुए शहीद हुए वायुसेना अधिकारी शुभम कुमार की शहादत से जहां पूरा जिला गौरवान्वित है, वहीं उनके जाने के बाद परिवार में उठे विवाद ने माहौल को और भावुक बना दिया है. जिस घर में कुछ दिन पहले तक बेटे की शहादत पर मातम पसरा था, वहीं अब मुआवजे और सरकारी लाभों को लेकर सवाल उठने लगे हैं. अपने जवान बेटे को खो चुके पिता अमरेंद्र शर्मा का कहना है कि उन्हें शुभम की कथित कोर्ट मैरिज और सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज नॉमिनी की जानकारी नहीं थी. दूसरी ओर फरवरी 2026 में श्रेया और शुभम की कोर्ट मैरिज की बात सामने आ रही है. प्रशासनिक स्तर पर भी श्रेया राय को शहीद की पत्नी बताया जा रहा है.
फोन पर बातचीत से मामले में आया नया मोड़
इसी बीच शहीद के पिता और श्रेया राय के बीच हुई कथित फोन बातचीत ने मामले को नया मोड़ दे दिया है. पिता का दावा है कि बुधवार की शाम करीब 7 बजे फोन पर श्रेया ने उनसे कहा कि वे गांव वालों के बहकावे में न आएं. वहीं जानकारी के अनुसार श्रेया राय वायुसेना में एक अधिकारी हैं एवं उनके पिता उत्तर प्रदेश में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं.
श्रेया के परिजनों ने कहा- बदनाम न किया जाए
दूसरी ओर शहीद की पत्नी श्रेया के परिजनों का कहना है कि शहीद शुभम के माता-पिता को सारी बातों की जानकारी थी. उनके अनुसार शुभम के जाने के बाद उनके लिए पैसा का कोई महत्व नहीं है, सारा पैसा उन्हें मिल जायेगा. लेकिन इसके साथ ही उन्होंने अपनी बात रखते हुए अपील की है कि हमलोगों को इस मामले में बेवजह बदनाम न किया जाए.
सर्विस बुक में पत्नी और माँ का नाम 50-50% दर्ज
वहीं जानकारी के अनुसार NOK में नॉमिनी के लिए शुभम ने अपनी पत्नी और मां के लिए 50-50 प्रतिशत फॉर्म में भरे हैं. फरवरी 2026 में कोर्ट मैरेज का दावा किया जा रहा है और सर्विस बुक में श्रेया राय और शहीद की मां का नाम नॉमिनी के रूप में दर्ज है. शहादत के गम से उबरने की कोशिश कर रहे परिवार के सामने अब अधिकारों और दावों का यह विवाद नई पीड़ा बनकर खड़ा हो गया है. वहीं पिता ने सरकार और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा शहीद के माता-पिता के हितों का भी ध्यान रखने की मांग की है.
