Makar Sankranti 2021: इस बार मकर संक्रांति पर बिहार का सियासी माहौल (Bihar Politics) बदला-बदला है. कोरोना संकट (Corona Crisis) के कारण तिलकुट और दही-चूड़ा (Chura Dahi) के बहाने नेताओं के घर हजारों लोगों की भीड़ शायद इस बार ना दिखे. दही-चूड़ा भोज के बहाने सियासी खिचड़ी भी खूब पकती थी लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा.इधर, जेल में बंद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (RJD Supremo Lalu Prasad Yadav) ने मकर संक्रांति को लेकर अपने विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं से खास अपील की है
उन्होंने निर्देश दिया है कि इस बार गरीब-गुरबों को दही-चूड़ा खिलाएं. राजद के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से पार्टी सुप्रीमो के निर्देश को ट्वीट किया गया है. इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद जी का निर्देश है कि सभी विधायक, नेतागण, कार्यकर्ता मकर संक्रांति के दिन गरीब-गुरबों को दही-चूड़ा का भोज कराएं.
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने भी इसे रीट्वीट किया है. बता दें कि बिहार में दही चूड़ा भोज की राजनीति दशकों से हो रही है. तीन दशक में ऐसा पहली बार होगा जब बिहार में मकर संक्रांति के मौके पर दही चूड़ा का भोज नहीं होगा.
भोज के जरिए सभी दलों के नेता आपस में जुटते थे और राजनीतिक विषयों पर चर्चा भी करते थे. इसके साथ संबंध का भी उजागर होता था. मगर इस बार राजनीतिक दलों की ओर से ऐसा किसी आयोजन का ऐलान नहीं किया गया है.
Posted By: Utpal Kant
