मधुबनी.
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस व राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसकी शुरुआत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनामिका टी, एडीजे छ्ह गौरव आनंद , एडीजे मनीष कुमार, एडीजे अनुप सिंह व प्राधिकार सचिव राजेश कुमार गौरव ने दीप जला कर किया. इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. जब समाज में महिलाएं सुरक्षित और सशक्त होंगी, तभी राष्ट्र प्रगति करेगा. वहीं राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर उन्होंने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य आम जनता को सुलभ और त्वरित न्याय प्रदान करना है. लोक अदालत से विवादों का समाधान आपसी सहमति से त्वरित हो जाता है. वहीं, अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने भी महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त किए. साथ ही कहा कि लोक अदालत सुलहनीय वादों के त्वरित निपटारा तो होता ही है. पक्षकारों को समय व धन की बचत होती है.महिलाओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही महिला मिनाक्षी कुमारी, वीणा चौधरी , रीना सर्राफ, निधि राज, खुशबू कुमारी एवं मधुरानी कुमारी को सम्मानित किया गया. वहीं, कार्यक्रम के दौरान नशा परिवार की हालात और घरेलू हिंसा पर नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया. कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ. इस दौरान मौके पर एडीजे दिवेश कुमार, एडीजे अंजनी कुमार गोंड, मजिस्ट्रेट प्रतीक रंजन चौरसिया, नरेश कुमार, एसडीजेएम अलका राय, न्यायालय प्रबंधक सरफराज आलम, अधिवक्ता नरेश भारती, लोक अदालत कर्मी सुशांत चक्रवर्ती, संतोष दत्त, विकास कुमार आदि थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
