मधुबनी.
शहर में करीब दो दर्जन से अधिक विवाह भवन, होटल व रेस्तरां का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है. संचालन के लिए निगम से ट्रेड लाइसेंस नहीं लिया गया है. ये न ही फायर सेफ्टी या अन्य प्रावधान का पालन करते हैं. यह कभी भी शहर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, जबकि हर वार्ड में गली व मोहल्लों में होटल, विवाह भवन व रेस्टोरेंट खुल रहे हैं. इस अवैध कारोबार के कारण शहरवासियों की परेशानी लगातार बढ़ गयी है. शहर में गंदगी और नाला जाम की समस्या का कारण बन गया है. यहां से निकले हुए कचरा व गंदगी को सीधे नाला, चौक चौराहे वे आसपास खुले में डाल दिया जाता है. शादी के सीजन में समारोहों से निकले पत्तल व खाद्य पदार्थ सड़कों पर बिखरे रहते हैं. जिससे बदबू व संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.टैक्स चोरी का खेल
शहर में अवैध रूप से संचालित विवाह भवनों और रेस्टोरेंटों से निकलने वाला कचरा सफाई व्यवस्था को और बिगाड़ रहा है. नगर निगम के कुछ कर्मियों की कथित मिली भगत से इन अवैध विवाह भवनों पर लगने वाला टैक्स भी कम कर दिया गया है. जहां व्यावसायिक दरों पर 100 प्रतिशत टैक्स लिया जाना चाहिए, वहां केवल 40-50 फीसदी ही टैक्स वसूला जा रहा है. इससे नगर निगम को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है.गाइडलाइन का नहीं हो रहा अनुपालन
इसके अलावा, इन विवाह भवनों में गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है. यहां समारोह के बाद निकलने वाला कचरा और निर्माण मलबा बिना किसी उचित प्रबंधन के सीधे मोहल्लों और मुख्य सड़कों पर फेंक दिया जाता है. इस कारण पूरे शहर में गंदगी और बदबू फैली हुई है. लोगों का कहना है कि अवैध विवाह भवनों और रेस्टोरेंटों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए.
अधिकतम 2500 है ट्रेड लाइसेंस का शुल्क
नगर निगम क्षेत्र में छोटे दुकान व बड़े दुकानदारों को अधिकतम 2500 रुपये न्यूनतम टैक्स के रूप में देना होगा. प्रत्येक वर्ष इसका नवीकरण कराना भी अनिवार्य है. नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 342 के तहत नगर निगम क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य है. बिना ट्रेड लाइसेंस लिए किसी भी परिसर को गैर आवासीय प्रयोग के लिए उपयोग करने के लिए अनुमति दी जाती है.
अवैध विवाह भवनों पर होगी कार्रवाई
नगर प्रबंधक सह सफाई के नोडल पदाधिकारी राजमणि कुमार ने बताया कि ट्रेड लाइसेंस के लिए सभी को निर्देश दिया गया है. वहीं, कर चोरी व प्रावधान की उपेक्षा करने वाले इन स्थानों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जायेगी.
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