Madhubani Adoption USA: जिले के विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में पल रही एक निराश्रित अनाथ बच्ची को आखिरकार नया परिवार और नई पहचान मिल गई है. जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद बच्ची को संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) से आए एक दंपति को सौंपा. अब यह बच्ची सात समंदर पार अमेरिका की वादियों में एक नए जीवन की शुरुआत करेगी.
कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत पूरी हुई दत्तक ग्रहण प्रक्रिया
बच्ची को गोद देने का यह कार्य केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA), नई दिल्ली से प्राप्त अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और दत्तक ग्रहण अधिनियम के तहत निष्पादित किया गया. सभी कागजी और वैधानिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद डीएम ने अंतिम आदेश पारित कर बच्ची को अमेरिकी दंपति के हवाले किया.
दंपति ने कहा: 'हमारी जिंदगी का सबसे बेहतरीन और हसीन पल'
नन्ही बच्ची को बेटी के रूप में पाकर विदेशी दंपति बेहद भावुक और खुश नजर आए. उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बच्ची को पाना उनकी जिंदगी का सबसे बेहतरीन पल है और वे इस पल को हमेशा संजोकर रखेंगे.
दूतावास के जरिए बच्ची की देखरेख पर रखी जाएगी नजर
जिला बाल संरक्षण अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि बच्ची के विदेश जाने के बाद भी भारतीय दूतावास के प्रतिनिधियों के जरिए उसके स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास की नियमित जानकारी ली जाएगी. प्रशासन बच्ची के पालन-पोषण पर पूरी निगरानी रखेगा.
जाने बच्चा गोद लेने की पात्रता और जरूरी नियम
दत्तक ग्रहण नियम के अनुसार शारीरिक-मानसिक रूप से स्वस्थ और कम से कम दो वर्ष के स्थिर वैवाहिक जीवन वाले दंपति गोद लेने के पात्र होते हैं. इच्छुक अभिभावकों को CARA की आधिकारिक वेबसाइट (carings.wcd.gov.in) पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है. एकल महिला लड़का-लड़की दोनों को, जबकि एकल पुरुष केवल लड़के को गोद ले सकते हैं.
डीएम ने दी शुभकामनाएं, कहा- यह उज्ज्वल भविष्य का मार्ग है
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बच्ची के सुरक्षित पुनर्वास को सामाजिक पहल बताया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उन्होंने दंपति को बच्ची के समयबद्ध टीकाकरण और स्वास्थ्य का खास ध्यान रखने की सलाह दी. इस मौके पर ओएसडी नीतेश कुमार पाठक, वरीय उप समाहर्ता ज्योति रानी, बाल संरक्षण अधिकारी अजय कुमार और समन्वयक भवेश कुमार झा भी मौजूद रहे.
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