श्रम कल्याण दिवस के अवसर पर गुरुवार को ग्रामीण और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर-सह-कार्यशाला आयोजित की गयी. उप श्रमायुक्त कार्यालय दरभंगा के सभागार में हुए कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से महिला और पुरुष श्रमिक शामिल हुए. उन्हें श्रम कानून, श्रमिक अधिकार, न्यूनतम मजदूरी और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गयी.
श्रमिकों को दी गयी जरूरी जानकारी
कार्यक्रम का उद्घाटन उप श्रमायुक्त राकेश रंजन, जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रिया राज, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों, कार्यालय कर्मियों और कामगार यूनियन के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
शिविर में श्रमिकों को निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में निबंधन, प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान और असंगठित कामगारों के लिए संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया. अधिकारियों ने श्रमिकों से कहा कि वे इन योजनाओं की जानकारी अपने पंचायत और आसपास के अन्य कामगारों तक भी पहुंचाएं, ताकि पात्र लोगों को इसका लाभ मिल सके.
कम मजदूरी मिले तो कर सकते हैं शिकायत
उप श्रमायुक्त राकेश रंजन ने एक अप्रैल 2026 से लागू न्यूनतम मजदूरी की निर्धारित दरों की जानकारी भी श्रमिकों को दी. उन्होंने कहा कि किसी श्रमिक को निर्धारित दर से कम मजदूरी दी जाती है, तो वह संबंधित श्रम अधिकारी के समक्ष शिकायत कर सकता है.
उन्होंने श्रमिकों से अपने अधिकारों को समझने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक निबंधन कराने की अपील की. कार्यशाला में श्रमिकों के सवालों और उनकी समस्याओं पर भी जानकारी दी गयी.
बाल श्रम को बताया समाज के लिए कलंक
कार्यक्रम के दौरान बाल श्रम को लेकर भी श्रमिकों को जागरूक किया गया. उप श्रमायुक्त ने कहा कि बाल श्रम शिक्षित समाज के लिए कलंक है. बच्चों को विद्यालय भेजना और उन्हें बाल श्रम से मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है.
उन्होंने श्रमिकों से अपने आसपास बच्चों से मजदूरी नहीं कराने और उन्हें शिक्षा से जोड़ने में सहयोग करने की अपील की.
लाभुकों को सांकेतिक चेक, कर्मी सम्मानित
कार्यक्रम में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों के बीच सांकेतिक चेक का वितरण किया गया. इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को सम्मानित भी किया गया.
शिविर के समापन पर श्रमिकों ने कहा कि उन्हें पहली बार कई ऐसे अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिली, जिनका लाभ वे ले सकते हैं. प्रशिक्षण शिविर से श्रमिकों को अपने अधिकारों और सरकारी सुविधाओं के प्रति जागरूक होने में मदद मिली.
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