मधुबनी. कांग्रेस से इस्तीफा देने का मेरा कारण यही रहा कि राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी से जो बिहार में टिकट बांटने का दायित्व लेकर आए थे, वे एक बार भी वरिष्ठ नेता से विमर्श नहीं किया. जिसका परिणाम हुआ कि सभी जगह हार का सामना करना पड़ा. जिन्हें यह लगता है कि भावना झा के लिए हम प्रयासरत थे, सही नहीं है. ये बातें पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. शकील अहमद ने कही.
कहा कि छह माह पूर्व ही भावना झा को चुनाव नहीं लड़ने के लिए बोल दिया था. जिसका कारण था कि बेनीपट्टी व जाले सीट ऐसा है कि यहां राजद गठबंधन के विरुद्ध मतदान होता है. आज तक यहां से राजद गठबंधन में रहते हुए कभी भी कांग्रेस यह सीट नहीं बचा पाया. यहां शालीग्राम यादव जदयू से जीते. राम अशीष यादव निर्दलीय जीते, युगेश्वर झा कांग्रेस से तब जीते जब गठबंधन नहीं था. वहीं भावना झा जब जीती तब जदयू के साथ गठबंधन था. जब भी राजद से गठबंधन रहा कोई नहीं जीत सके. वहीं हरलाखी में सब्बीर अहमद को अगर टिकट मिलता तो वे सीट जीता सकते थे. लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने किसी से विमर्श नहीं किया. जिसके कारण हमने कांग्रेस से इस्तीफा दिया है. हम कांग्रेस को आजीवन वोट और मदद करते रहेंगे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
