Madhubani : नये सिरे से परिसीमन होने से क्षेत्र का होगा विकास
जनगणना के बाद संविधान के अनुसार लोकसभा में परिसीमन करने का अधिकार है.
By DIGVIJAY SINGH | Updated at :
Madhubani : मधुबनी . जनगणना के बाद संविधान के अनुसार लोकसभा में परिसीमन करने का अधिकार है. इसके लिए परिसीमन आयोग का गठन किया जाता है. इससे लोकसभा का निर्वाचन क्षेत्र और संख्या तय की जाती है. यह बातें राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव माधव आनंद ने प्रेसवार्ता में कही. प्रधान महासचिव ने कहा कि 1976 के बाद से जनगणना नहीं कराया गया है. इसे तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल के समय 25 वर्षों के लिए फ्रीज कर दी थी. फिर से इसे आगे बढ़ा दिया गया. अब देश में अगले साल जनगणना होना है. ऐसे में निर्वाचन क्षेत्र का भी परिसीमन तय किया जाय, ताकि उत्तर भारत में लोकसभा सीटों के नुकसान को रोका जा सके. परिसीमन नहीं होने के कारण हम पिछले पचास सालों से अपने इस अधिकार से वंचित हैं. अगर नये सिरे से परिसीमन कर लोकसभा और विधानसभा की सीट तय की जाती है, तो हम तेजी से विकास कर सकेंगे. इस दौरान प्रदेश महासचिव वैद्यनाथ मेहता, प्रदेश महासचिव नवीन कुमार, मनोज सिंह कुशवाहा मौजूद थे.
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