Madhubani News : गेहूं के लिये तापमान अनुकूल, कर सकते हैं बुआई शुरू

गेहूं की बुआई के लिये मौसम अनुकूल हो गया है. किसान भाई अब गेहूं की बुआई शुरु कर सकते हैं.

मधुबनी. गेहूं की बुआई के लिये मौसम अनुकूल हो गया है. किसान भाई अब गेहूं की बुआई शुरु कर सकते हैं. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय पूसा के मौसम विभाग के वैज्ञानिक डा. ए सत्तार ने किसानों को सलाह देते हुए कहा है कि गेहूं की बुआई के लिये तापमान अनुकूल हो चुका है. खेत की तैयारी के समय 100- 200 क्विंटल कंपोस्ट, 60 किलोग्राम नेत्रजन, 60 किलोग्राम फॉस्फोरस एवं 40 किलोग्राम पोटाश प्रति हेक्टेयर की दर से उपयोग करना चाहिए. इन प्रभेदों का कर सकते हैं उपयोग डा ए सत्तार के अनुसार किसान भाइयों को इस समय एचडी 2967, एचडी 2733, एचडी 2824, डी. डब्ल्यू 187, डी. डब्ल्यू 39, एचयू डब्ल्यू 468, सीबी डब्ल्यू 38 किस्म का बीज इस क्षेत्र के लिये काफी प्रमाणित और अनुसंशित माना जा सकता है. बीज की बुआई से पहले 2.5 ग्राम बेबीस्टीन की दर से प्रति किलोग्राम बीज को उपचारित करना चाहिये. खेत मे गेहूं की छिटकाव विधि से खेती करने के लिये किसान भाइयों को प्रति हेक्टेयर 125 किलोग्राम बीज एवं सीड ड्रील विधि से गेहूं की बुआई के लिये प्रति हेक्टेयर 100 किलोग्राम बीज का व्यवहार करना चाहिए. इसी प्रकार चना के बुआई के लिये भी मौसम अनुकूल हो चुका है्. किसान भाइयों को समय से चना की बुआई करने की भी सलाह दी गयी है. बुआई के समय 20 किलोग्राम नेत्रजन, 45 किलोग्राम फॉस्फोरस, 20 किलोग्राम पोटास, 20 किलोग्राम सल्फर प्रति हेक्टेयर की दर से व्यवहार करना चाहिये. चना के उन्नत बीज के लिये पूसा 256, केपीजी 59 एवं पूसा 372 अनुसंशित है. बीज को बेबीस्टीन 2.5 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित करना चाहिये. 24 घंटे बाद उपचारित बीज को कजरा पिल्लू से बचाव के लिये क्लोरोपाइरीफॉस 8 मिली ली. प्रति किलोग्राम की दर से म मिलाना चाहिये. पुन: चार पांच घंटे छाया में रखने के बाद राइजोबीयम कल्चर (पांच पैकेट प्रति हेक्टेयर )से उपचारित कर बुआई करने की सलाह है.

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Author: GAJENDRA KUMAR

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