Madhubani : महीनों से बंद है ऑक्सीजन प्लांट, सदर अस्पताल में सिलिंडर से की जा रही आपूर्ति

सदर अस्पताल में लगाया गया 1000 पीएसए क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट महीनों से बंद पड़ा है.

जितनी जरूरत उतनी क्षमता का प्लांट, फिर भी बाजार से की जा रही ऑक्सीजन की खरीद बेड तक पाइपलाइन होने के बाद भी ऑक्सीजन प्लांट से नहीं हो रही आपूर्ति मधुबनी . सदर अस्पताल में लगाया गया 1000 पीएसए क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट महीनों से बंद पड़ा है. जिसके कारण सदर अस्पताल के एसएनसीयू, ओटी, प्रसव कक्ष, इमरजेंसी सहित भर्ती वार्ड में मरीजों को सिलिंडर से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है. इसके लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रतिवर्ष 6-7 लाख रुपए एजेंसी को भुगतान किया जा रहा है. अस्पताल प्रबंधन प्लांट को क्रियाशील करने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है. विदित हो कि कोरोना काल में सदर अस्पताल सहित पांच स्वास्थ्य संस्थानों में ऑक्सीजन प्लांट लगायी गई थी. फिर भी सदर अस्पताल सहित स्वास्थ्य संस्थानों में भर्ती मरीजों को सिलिंडर के सहारे ही ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है. सदर अस्पताल के एसएनसीयू एवं इमरजेंसी में भर्ती मरीजों के लिए प्रतिमाह 60 से 70 सिलिंडर की खरीदारी अस्पताल प्रबंधन द्वारा स्थानीय एजेंसी से की जा रही है. इसके अलावे अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भी एजेंसी द्वारा ही सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है. इस संबंध में वरीय अधिकारी कुछ भी कहने से परहेज कर रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल में हर माह 70 से 80 हजार रुपए के ऑक्सीजन सिलिंडर की खपत हो रही है. इसमें से लगभग 40 से 45 हजार रुपए एसएनसीयू व 20-25 हजार रुपए का इमरजेंसी व भर्ती वार्ड में खपत होता है. जबकि जिले में लाखों रुपए से अधिक की राशि ऑक्सीजन के नाम पर ही खर्च किये जा रहे हैं. टेक्नीशियन भी नहीं है नियुक्त अस्पताल प्रबंधन सूत्रों की माने तो सदर अस्पताल स्थित 1000 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट के लिए पूर्व में दो आईटीआई टेक्निशियन की नियुक्ति की गई थी. इसमें से एक टेक्नीशियन ने ही योगदान दिया. जिसके कारण कुछ दिनों तक ऑक्सीजन प्लांट का संचालन एक शिफ्ट में ही होता था. एक शिफ्ट में प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति एसएनसीयू, इमरजेंसी व वार्ड में भर्ती मरीजों को की जाती थी. पिछले कई माह से टेक्नीशियन के चले जाने के बाद किसी का भी पदस्थापन नहीं हुआ. नतीजतन ऑक्सीजन प्लांट महीनों से बंद पड़ा है. एलएनटी के इंजीनियर विशाल कुमार ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट से जितनी मात्रा में ऑक्सीजन की आवश्यकता है उतनी मात्रा में मरीजों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकती है. जबकि अस्पताल प्रबंधन द्वारा कम मरीजों का हवाला देकर ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं करने की बात कही जा रही है. रिफिलिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं सदर अस्पताल सहित जिले के अनुमंडलीय अस्पताल जयनगर, फुलपरास, झंझारपुर व अररिया संग्राम में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया था. लेकिन किसी भी प्लांट में रिफिलिंग की सुविधा नहीं है. जिसके कारण पर्याप्त मरीज नहीं होने के कारण ऑक्सीजन प्लांट का संचालन नहीं किया जा रहा है. हालांकि अनुमंडलीय अस्पताल फुलपरास में डॉक्टर फार यू संस्था द्वारा लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट में संस्था के प्रबंध निदेशक ने राज्य परिवहन मंत्री द्वारा उद्घाटन के अवसर पर आश्वासन दिया था कि इस प्लांट में सिलिंडर की रिफिलिंग की सुविधा मुहैया कराई जाएगी. ताकि सिलिंडर में ऑक्सीजन की रिफिलिंग के बाद अन्य संस्थाओं को भी आपूर्ति की जा सकेगी. लेकिन लगभग 5 स्थिति जस की तस बनी हुई है. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि सदर अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट टेक्नीशियन के अभाव में बंद पड़ा है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में संबंधित विभाग से पत्राचार किया जा रहा है. विभाग को भी समस्या से अवगत कराया गया है.

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