मधुबनी: इंडो-नेपाल बॉर्डर पर तैनात 48वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने पिपरौन-जटही चेक पोस्ट पर नियमित ड्यूटी और सीमा जांच के दौरान मानव तस्करी की आशंका में दो भारतीय युवकों और दो भारतीय युवतियों को अभिरक्षा में लिया है. इनमें एक 13 वर्षीय नाबालिग युवती भी शामिल है.
नेपाल की ओर जाते मिले दो युवक और दो युवतियां
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीमा स्तंभ से करीब 20 मीटर अंदर भारतीय क्षेत्र में पिपरौन-जटही सीमा के निकट भारत से नेपाल की ओर जा रहे दो युवकों और दो युवतियों को संदिग्ध परिस्थितियों में देखा गया.
ड्यूटी पार्टी ने सभी को रोककर पहचान सत्यापन और पूछताछ की. इस दौरान उनके पहचान पत्रों का सत्यापन किया गया. महिला कर्मी की मौजूदगी में दोनों युवतियों से अलग से पूछताछ की गयी.
इंस्टाग्राम के जरिये हुई थी दोस्ती
पूछताछ में सामने आया कि दोनों युवतियों की संबंधित युवकों से करीब तीन महीने पहले Instagram के माध्यम से दोस्ती हुई थी. आगे की पूछताछ में यह भी जानकारी मिली कि करीब तीन दिन पहले दोनों युवतियों को बेनीपट्टी में आयोजित एक डांस कार्यक्रम में बुलाया गया था. इसके बदले उन्हें 8 हजार रुपये दिये गये थे.
मानव तस्करी की आशंका पर SSB ने की कार्रवाई
प्राप्त जानकारी और परिस्थितियों के आधार पर SSB को आशंका हुई कि दोनों युवतियों को बहला-फुसलाकर नेपाल ले जाया जा रहा था, जहां उन्हें किसी असामाजिक गतिविधि में शामिल किये जाने की संभावना थी.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए SSB ने दोनों युवतियों को सुरक्षित संरक्षण में लिया. वहीं चारों व्यक्तियों को आवश्यक अग्रेतर वैधानिक कार्रवाई के लिए अभिरक्षा में लिया गया.
दो युवकों की हुई पहचान
अभिरक्षा में लिये गये युवकों की पहचान बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के 19 वर्षीय कृष्ण कुमार मेहता और नंदी भौजी चौक निवासी अमित कुमार के रूप में बतायी गयी है. दोनों युवतियों को पश्चिम बंगाल का बताया गया है.
SSB की ओर से हिरासत में लिये गये चारों युवक-युवतियों को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए हरलाखी थाना की उपस्थिति में संबंधित NGO को सुपुर्द कर दिया गया.
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