संस्कृत सप्ताह समारोह: मधुबनी जिले के झंझारपुर स्थित नंदन संस्कृत महाविद्यालय इसहपुर में रविवार को आयोजित संस्कृत सप्ताह समारोह का अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामयी वातावरण में समापन हुआ. इस समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. नवीन कुमार ने की. समापन सत्र में विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार और उसके व्यावहारिक उपयोग पर जोर दिया गया.
चरित्र निर्माण और भारतीय संस्कृति की आधारशिला है संस्कृत
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. अशोक कुमार झा 'अमन' ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कृत भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अच्छे चरित्र और नैतिक मूल्यों के निर्माण का मुख्य आधार है. उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत पढ़ने के लाभ और इसके दार्शनिक महत्व के बारे में विस्तार से समझाया. वहीं विशिष्ट अतिथि गोपाल जी झा ने संस्कृत को सभी भाषाओं की जननी बताते हुए इसकी वैश्विक महत्ता पर प्रकाश डाला.
समारोह के प्रमुख बिंदु एवं गतिविधियां:
- संभाषण का आह्वान: प्रधानाचार्य डॉ. नवीन कुमार ने सभी छात्र-छात्राओं से दैनिक जीवन में संस्कृत में बातचीत करने और शिक्षकों से संस्कृत माध्यम में ही अध्यापन कराने की अपील की.
- अतिथि अभिनंदन: डॉ. हरि किशोर आर्य ने सभी आगंतुक अतिथियों का पारंपरिक स्वागत विशुद्ध संस्कृत भाषा में किया.
- प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान: सप्ताह भर चली भाषण, संस्कृत गीत और रंगोली प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया.
- मंच संचालन: कार्यक्रम का सफल व कुशल संचालन डॉ. तृप्ति कुमारी और डॉ. उमेश साफी ने संयुक्त रूप से किया.
समारोह के दौरान महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, शिक्षकेतर कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
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