Jhanjharpur News: रातभर हुई तेज बारिश ने झंझारपुर अनुमंडल अस्पताल की व्यवस्था की पोल खोल दी. अस्पताल परिसर में करीब ढाई फीट तक पानी भर गया, जिससे इमरजेंसी, प्रसव वार्ड और अन्य वार्डों तक गंदा पानी पहुंच गया. मरीजों, परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों को पूरे दिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
वार्डों तक पहुंचा गंदा पानी, बेड के नीचे तक भर गया जल
बारिश के बाद अस्पताल के कई वार्ड जलमग्न हो गए. इमरजेंसी और प्रसव वार्ड में गंदा पानी घुस गया, जबकि मरीजों के बेड के नीचे तक पानी भर गया. वार्डों में जूते-चप्पल तैरते दिखाई दिए.
अस्पताल का मुख्य प्रवेश द्वार और पहुंच मार्ग भी जलमग्न हो गया, जिससे मरीजों को गोद में उठाकर अस्पताल तक पहुंचाना पड़ा.
प्रसव वार्ड की महिलाओं को समय से पहले मिली छुट्टी
जलजमाव का सबसे अधिक असर प्रसव वार्ड पर पड़ा. यहां भर्ती महिलाओं को पूरी रात कठिन परिस्थितियों में रहना पड़ा.
प्रसव वार्ड में तैनात जीएनएम अन्नू कुमारी ने बताया कि पंडौल, अंधराठाढ़ी, सिमरा और नगर परिषद वार्ड-15 की महिलाओं का प्रसव हुआ था. जलभराव के कारण सभी को मजबूरी में छुट्टी दे दी गई.
हर बारिश में बनती है यही स्थिति
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण हर वर्ष बरसात में यही हाल हो जाता है.
शौचालय का पानी भी परिसर में भर जाने से बदबूदार पानी के बीच मरीजों का इलाज करना पड़ता है. परिजनों का कहना है कि अस्पताल आने पर इलाज से पहले जलजमाव की समस्या से जूझना पड़ता है.
नगर परिषद ने शुरू कराया पानी निकासी का काम
मंगलवार को नगर परिषद की टीम ने पंपसेट लगाकर पानी निकालने का काम शुरू किया. हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल अस्थायी उपाय किए जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलता.
लोगों ने अस्पताल परिसर में पक्की ड्रेनेज व्यवस्था, बेहतर जलनिकासी और ऊंची सड़क बनाने की मांग की है, ताकि बारिश के दौरान मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर न पड़े.
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