मधुबनी. स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग संकल्पित है. स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का मुलयांकन के साथ समय समय पर औचक निरीक्षण के माध्यम से मरीजों से भी फिडबैक लिया जा रहा है. इसके लिए दिन ही नहीं बल्कि रात में भी स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है. इस क्रम में सिविल सर्जन डाॅ. हरेंद्र कुमार ने बीती रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाबूबरही, सीएचसी राजनगर एवं सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. सिविल सर्जन ने कहा कि इस दौरान तीनों स्वास्थ्य संस्थानों में रोस्टर के अनुसार कार्यस्थल पर सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे. सिविल सर्जन ने कहा कि अस्पताल में भर्ती एवं इलाज के लिए आने वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य प्रशासन समर्पित है. ऐसे में रोस्टर के अनुसार कार्य स्थल से अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ड्यूटी से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती है. सीएस ने रोस्टर के अनुसार सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को ड्यूटी करने का सख्त निर्देश दिया. ताकि अस्पतालों में इलाज के लिए आने बाले मरीजों को तत्काल इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सके. रोस्टर के अनुसार चिकित्सक के अनुपस्थित होने के कारण बिना इलाज के वापस जाने वाले मरीजों द्वारा शिकायत मिलने पर संबंधित चिकित्सक एवं स्टाफ के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए विभाग को सूचना दी जाएगी. सीएस ने प्रत्येक वार्ड में चिकित्सक एवं स्टाफ नर्स को रोस्टर के अनुसार उपस्थित रहने का निर्देश दिया. सीएस ने कहा कि कार्यशैली में बदलाव नहीं लाने बाले चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को कार्यस्थल से अनुपस्थित रहने पर अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए विभाग को सूचित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता में शामिल होनी चाहिए. इसका शत-प्रतिशत अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए. ताकि मरीजों को किसी तरह की समस्या नहीं हो.
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