Madhubani: पीएमईजीपी की मदद से प्रीति कुमारी ने बदली अपनी तस्वीर, 10 महिलाओं को दिया रोजगार

मधुबनी की युवा उद्यमी प्रीति कुमारी ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की सहायता से मधुबनी पेंटिंग को सफल व्यवसाय का रूप दिया है. आज उनकी इकाई में 10 महिलाओं को रोजगार मिला है और वे इस कला को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही हैं. पढ़ें पूरी खबर...

मधुबनी से कार्तिक कुमार की रिपोर्ट

Madhubani News: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) की सहायता से मधुबनी जिले की युवा उद्यमी प्रीति कुमारी ने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित किए हैं. रहिका प्रखंड की रहने वाली प्रीति ने अपनी कला प्रतिभा और मेहनत के दम पर मधुबनी पेंटिंग को सफल व्यवसाय का रूप दिया है.

बचपन की रुचि को बनाया व्यवसाय

प्रीति कुमारी को बचपन से ही मधुबनी पेंटिंग में रुचि थी. उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपनी कला को व्यवसाय में बदलने का निर्णय लिया. वर्ष 2018 में उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 3.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई. इस सहायता राशि से उन्होंने मधुबनी पेंटिंग निर्माण इकाई की स्थापना की और स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया.

शुरुआती चुनौतियों को मेहनत से किया पार

व्यवसाय की शुरुआत आसान नहीं थी. प्रीति को कुशल कारीगरों की उपलब्धता, कच्चे माल की व्यवस्था और तैयार उत्पादों के लिए बाजार तलाशने जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. लगातार प्रयास, धैर्य और मेहनत के बल पर उन्होंने इन चुनौतियों को पार किया. आज उनकी इकाई में तैयार होने वाली मधुबनी पेंटिंग की मांग बिहार से बाहर देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच चुकी है.

10 महिलाओं को मिला रोजगार

प्रीति की सफलता की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उन्होंने स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ करीब 10 महिला कारीगरों को रोजगार उपलब्ध कराया है. इससे संबंधित परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और महिलाओं के आत्मविश्वास तथा सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हुई है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का लक्ष्य

प्रीति कुमारी ने बताया कि उनका लक्ष्य मधुबनी पेंटिंग को राष्ट्रीय स्तर से आगे बढ़ाकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है. इसके लिए वे अपने व्यवसाय का विस्तार करने, अतिरिक्त निवेश जुटाने और कौशल विकास प्रशिक्षण पर कार्य करने की योजना बना रही हैं.

उन्होंने युवाओं से स्वरोजगार अपनाने की अपील करते हुए कहा कि बिहार में कारीगरी और बाजार की अपार संभावनाएं हैं. यदि युवा आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ उद्यम शुरू करें तो वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Sarfaraz Ahmad

सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।

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