झंझारपुर. विधानसभा चुनाव शांति व निष्पक्ष रूप से संपन्न हो गया. अब जीत हार का आकलन, वोटों का लेखा जोखा शुरू हो गया है. बुधवार की सुबह चाय दुकान पर चुनावी चर्चा जोरों पर था. कोई बिहार में एनडीए का सरकार बनाने से लेकर मंत्रीमंडल तक का निर्णय कर रहे थे. विधानसभा क्षेत्र में विकास के साथ ही जातीय समीकरण पर भी जीत हार का आकलन हो रहा था. हर कोई अपने अपने चहेते के जीत का दावा कर रहे थे. चाय की चुस्की लेते हुए झंझारपुर नगर परिषद में व्यवसाय कर रहे चुनचुन सिंह ने दावा कर कहा कि इस बार एनडीए की सरकार पूर्ण बहुमत से बनेगी. एनडीए को कम से कम 147 सीट मिलने का अपने दावे को और पुख्ता कर झंझारपुर से भाजपा उम्मीदवार को बीते चुनाव से अधिक वोट से इस चुनाव में जीत होने का ताल ठोक रहे थे. इसी बीच बेलराही गांव के ओमप्रकाश यादव ने उनकी बातों को काटते हुए महागठबंधन के प्रत्याशी रामनारायण यादव की जीत पक्की बताते हुए कि लोगा में इस बार महागठबंधन को लेकर काफी सकारात्मक रुख देखा गया. ऐसे में परिवर्तन होना चाहिये. बिहार में तेजस्वी के मुख्यमंत्री बनने का स्पष्ट रुप है. वही नगर परिषद के दीपक पोद्दार एवं दीप गांव निवासी नीतीश रंजन ने झंझारपुर विधानसभा से जनसुराज के केशव चंद्र भंडारी को जीत दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि झंझारपुर के साथ पूरे बिहार में जनसुराज की लहर थी. जनसुज इस बार सरकार बनने में विकल्प के रूप में स्थापित करेगी. यहां बता दें कि झंझारपुर विधान सभा में 13 प्रत्याशी चुनावी मैदान मे खड़े थे. वोटरों का जातीय संख्या झंझारपुर विधान सभा में कुल 3 लाख 19 हजार 828 मतदाता हैं. जिसमें महिला मतदाता की संख्या 1 लाख 51 हजार 825 एवं 1 लाख 67 हजार 997 पुरुष मतदाता हैं. वहीं थर्ड जेंडर 6 है. विधानसभा क्षेत्र में 52 हजार 530 वोट ब्राह्मणों का हैं. वही मुस्लिम समुदाय के वोट 39596 है. इसी प्रकार कुशवाहा समुदाय के 26432, यादव में 25834, केवट में 25352, वैश्य बनिया 16368, धानुक समुदाय 16078, मल्लाह 13013, अमात 7000, मुसहर 15000, ख़तवे 9768, पासवान में 11366, धोबी 7362, बरई 5000 वोट हैं. लोग यह इस आंकड़े से अपने-अपने जाति के वोट का प्रतिशत पर जीत के दावे ठोक रहे हैं.
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