सकरी. पंडौल के शाहपुर, सरहद, गंगापुर, बेलाही, मधेपुरा, बटलोहिया, पचाढ़ी, गुरमाहा, सनकोर्थ, कमलपुर सहित दर्जनों गांव में लोग बंदर के आतंक से भयभीत हैं. स्थानीय लोगों को खेत, खलिदान तो दूर घर से निकलना मुश्किल हो गया. खाना लूटकर बंदर ले जाता है. बंदर के काटने के डर से उनके सामने जाने से लोग कतरा रहे हैं. वर्ष 2012 में बंदरों का झुंड नहर बांध के सहारे प्रखंड क्षेत्र के शाहपुर सरहद गांव में प्रवेश किया. गांव स्थित आम, कटहल, लीची, केला, अमरूद व खेत में लगा फसल को नुकसान पहुंचा रहा है. आलम यह है कि क्षेत्र के अधिकांश गांव में हजारों की संख्या में बंदरों की संख्या है. लोग बंदर के आतंक के सामने फूंसघर, खपड़ेइल व एस्बेस्टस का अधिकांश घर सुना पड़ा है. अहले सुबह से देर शाम तक लोगों के आशियाना में प्रवेश कर घर तोड़ – फोड़ करने लगता है. विरोध करने पर काटने के लिए दौड़ता है. शाहपुर गांव के दर्जनों लोगों को बंदर काट चुका है. श्रीपुर हाटी उत्तरी पंचायत के मुखिया राम कुमार यादव ने कहा कि बंदर के आतंक के सामने पंचायत स्थित शाहपुर निवासी रामनाथ चौधरी की मौत हो गयी. इसकी सूचना अनुमंडल पदाधिकारी व जिला पदाधिकारी को दी, लेकिन विभाग के उदासीनता के कारण क्षेत्र की मुख्य समस्या बन गयी है. क्षेत्र के किसान अब फल, सब्जी व अन्य फसल के खेती करना बंद कर दिया है. बंदर के सामने पैदल, साइकिल या बाइक से सफर करने वाले लोग हमेशा भयभीत रहते हैं.
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