Katib Strike Madhubani: पेपरलेस जमीन निबंधन की प्रक्रिया लागू होने के विरोध में मधुबनी जिला निबंधन कार्यालय में कार्यरत कातिबों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है. कातिब संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि नयी व्यवस्था में कई खामियां हैं, जिससे जमीन खरीद-बिक्री करने वाले लोगों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है.
नये नियम में कई खामियां होने का आरोप
कातिब संघ के जिलाध्यक्ष राम उदगार यादव और सचिव मथुरा नंद झा ने कहा कि सरकार ने पेपरलेस जमीन खरीद-बिक्री के लिए जो नया नियम लागू किया है, उसमें कई तरह की खामियां हैं. उनका कहना है कि पेपरलेस निबंधन के बाद लोगों को इस बात का भरोसा नहीं हो पा रहा है कि उनके द्वारा खरीदी गयी जमीन का निबंधन सही तरीके से हुआ है.
जिलाध्यक्ष ने कहा कि कई मामलों में खरीददार ओटीपी देने से इनकार कर देता है. वहीं, मुद्रांक पेपर के स्थान पर सादे ए4 साइज के कागज पर जमीन खरीदने वाले को दस्तावेज दिये जाने से भी लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन रही है.
डिजिटल हस्ताक्षर की सुविधा नहीं मिलने का दावा
सचिव मथुरा नंद झा ने कहा कि कातिबों को लाइसेंस आईडी और डिजिटल हस्ताक्षर विभाग की ओर से उपलब्ध नहीं कराया गया है. उनका आरोप है कि संशोधित नियमावली 2026 में कातिबों के लिए निर्धारित नियमों को दरकिनार कर निबंधन की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जा रही है.
उन्होंने कहा कि जमीन के निबंधन में कातिबों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है, लेकिन नयी व्यवस्था में उनके अधिकार और भूमिका को कम किया जा रहा है.
सरकार से पुराने तरीके से निबंधन शुरू करने की मांग
कातिब संघ के कोषाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह, उपाध्यक्ष इस्माइल अरविंद यादव, ब्रह्मानंद झा, ब्रह्मदेव झा, धीरेन्द्र ठाकुर, गणेश यादव, मो. कलीम, मोहित कुमार दास, सुमन कुमार मिश्रा और विनोद आजाद ने कहा कि सरकार किसी भी नये नियम को लागू करने से पहले कातिबों से विचार-विमर्श नहीं करती है.
कातिबों ने कहा कि जब तक सरकार पूर्व की तरह निबंधन की प्रक्रिया शुरू नहीं करती, तब तक उनका कार्य बहिष्कार जारी रहेगा.
इस अवसर पर उमा शंकर कुमार, रंजय कुमार झा, मनीष कुमार झा सहित बड़ी संख्या में कातिब मौजूद थे.
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