Madhubani News : फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चार प्रखंडों में आज से शुरू होगा नाइट ब्लड सर्वे

जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत बुधवार से नाइट ब्लड सर्वे अभियान चलाया जाएगा.

मधुबनी.

जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत बुधवार से नाइट ब्लड सर्वे अभियान चलाया जाएगा. चार प्रखंडों में नाइट ब्लड सर्वे अभियान 31 अगस्त तक जारी रहेगा. इसके लिए चयनित प्रखंडों बिस्फी, बेनीपट्टी, पंडौल एवं रहिका में एक-एक फिक्स एवं एक-एक रैंडम साइट बनाया गया है. नाइट ब्लड सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर इन प्रखंडों फरवरी 2026 में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम किया जाएगा. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. डीएस सिंह ने कहा कि संभावित मरीजों का पता लगाने के लिए नाइट ब्लड सर्वे बेहद महत्वपूर्ण है. शरीर में मौजूद फाइलेरिया के परजीवी रात के समय ज्यादा सक्रिय होते हैं. इसीलिए नाइट ब्लड सर्वे संभावित रोगियों का पता लगाने का उचित माध्यम है. चयनित प्रखंड में दो – दो सत्रों को चिन्हित किया गया है. यहां से 300 – 300 स्लाइड रक्त के नमूने का संग्रह किया जाएगा. यह सर्वे रात में 8:30 के बाद 20 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के रक्त के नमूने संग्रह किये जाएंगे. दोनों सत्र स्थलों में से किसी एक स्थल में माइक्रो फाइलेरिया का दर एक व एक से अधिक होगा तो उस प्रखंड में सर्वजन दवा वितरण कार्यक्रम चलाया जाएगा. अगर माइक्रो फाइलेरिया का दर एक से कम होगा तो वहां एमडीए अभियान नहीं चलाया जाएगा. अभियान के बाद उस प्रखंड में माइक्रो फाइलेरिया का प्रसार है व नहीं इसकी सत्यता जांच के लिए प्री-टास किया जाएगा.

सामूहिक भागीदारी से जड़ से खत्म होगा फाइलेरिया

डॉ. सिंह ने बताया कि फाइलेरिया का उन्मूलन सामूहिक प्रयास से ही संभव है. इसलिए लोगों को जांच के लिये आगे आना चाहिए. फाइलेरिया एक असाध्य बीमारी है. फाइलेरिया संक्रमित व्यक्ति को रोग का पता वर्षों बाद चलता है. तब तक बीमारी लाइलाज हो चुका होता है. शरीर में मौजूद फाइलेरिया के परजीवी रात के समय ज्यादा सक्रिय होते हैं। इसलिए नाइट ब्लड सर्वे संभावित रोगियों का पता लगाने का बेहतर जरिया है.

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग की रणनीति

केंद्र सरकार की ओर से फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य वर्ष 2030 निर्धारित किया गया है. वहीं राज्य सरकार वर्ष 2027 तक उन्मूलन करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए प्रतिवर्ष सर्वजन दवा वितरण कार्यक्रम के तहत 2 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को दवा खिलाई जाती है. आम लोगों के जागरूक होने पर ही अभियान को सफल बनाया जा सकता और समाज फाइलेरिया से मुक्त हो सकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: GAJENDRA KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >