Madhubani News: विशेष मछुआरा दिवस के अवसर पर जिला मत्स्य कार्यालय में प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य मत्स्य पालकों और मछुआरों को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों, सरकारी योजनाओं तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था. कार्यक्रम का उद्घाटन जिला मत्स्य पदाधिकारी एवं प्रगतिशील मत्स्य किसानों ने संयुक्त रूप से किया.
आधुनिक मत्स्य पालन अपनाने पर दिया गया जोर
जिला मत्स्य पदाधिकारी अंजनी कुमार ने कहा कि मछुआरे देश की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. सरकार मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है. इन योजनाओं का लाभ उठाकर मछुआरे अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं.
उत्कृष्ट मछुआरों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मछुआरों को सम्मानित किया गया. साथ ही मत्स्य पालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन दिया. लाभार्थियों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई.
राष्ट्रीय मछुआरा दिवस का बताया महत्व
प्रगतिशील मत्स्य किसानों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष जुलाई माह में राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस मनाया जाता है. यह दिन वर्ष 1957 में भारतीय प्रमुख कार्प मछलियों की इंड्यूस्ड ब्रीडिंग (हाइपोफाइसेशन) की ऐतिहासिक वैज्ञानिक उपलब्धि की स्मृति में मनाया जाता है. उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक डॉ. हीरालाल चौधरी और डॉ. के.एच. अलीकुन्ही की इस उपलब्धि ने भारत में मत्स्य पालन क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत की.
बड़ी संख्या में मछुआरे रहे मौजूद
कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अधिकारी रविकांत भारती, राजेश कुमार, सुनील कुमार, जयप्रकाश लाल दास, अमित कुमार, प्रधान लिपिक रूद्र कांत झा, प्रगतिशील मत्स्य पालक तथा बड़ी संख्या में मछुआरा समुदाय के लोग उपस्थित रहे.
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