Madhubani News: झंझारपुर थाना क्षेत्र से 17 माह पहले कथित रूप से अपहृत एक नाबालिग को बिहार पुलिस ने केंद्र शासित प्रदेश दमन से बरामद कर लिया है. मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित रंजीत मलिक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. वहीं बरामद नाबालिग का न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया जा रहा है.
Jhanjharpur News: सात दिनों तक दमन में कैंप कर चलाया अभियान
झंझारपुर के अपर थानाध्यक्ष बिहारी आलम ने बताया कि कांड के अनुसंधानकर्ता मिथिलेश कुमार, पुलिसकर्मी साबिर अली एवं महिला सिपाही नीलम कुमारी की तीन सदस्यीय टीम सात दिनों तक दमन में कैंप कर स्थानीय तटीय थाना पुलिस के सहयोग से छापेमारी करती रही. दमन की अदालत से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बाद पुलिस दोनों को लेकर झंझारपुर पहुंची. आरोपित को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
प्राथमिकी में लगाए गए थे अपहरण और बेचने की आशंका के आरोप
पुलिस के अनुसार, नाबालिग के पिता ने 14 फरवरी 2025 को झंझारपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. आवेदन में आरोप लगाया गया था कि उनकी पुत्री मंदिर में पूजा के लिए दीप जलाने जा रही थी, तभी रंजीत मलिक अपने साथी गौरव कुमार के साथ मिलकर उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गया. मामले में रंजीत मलिक, उसके पिता राजेंद्र मलिक, शोभा मलिक, सुनीता मलिक सहित कई लोगों को नामजद किया गया था. शिकायतकर्ता ने पुत्री को बेच देने की आशंका और मारपीट का भी आरोप लगाया था.
तकनीकी सूचना के आधार पर दमन में हुई बरामदगी
पुलिस ने बताया कि मामले की लगातार जांच की जा रही थी. तकनीकी एवं मानवीय सूचना के आधार पर दमन के तटीय थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई, जहां नाबालिग और आरोपित मजदूरी करते हुए मिले. पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर लिया और मुख्य आरोपित रंजीत मलिक को गिरफ्तार कर लिया.
अन्य नामजद आरोपितों पर भी होगी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि इस मामले में लड़के के पिता राजेंद्र मलिक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जो वर्तमान में जमानत पर हैं. प्राथमिकी में नामजद अन्य आरोपितों के विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है.
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