Madhubani Weather: 44 डिग्री जैसी गर्मी और उमस से हाल बेहाल, कब मिलेगी राहत?

मधुबनी में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। तापमान सामान्य से ऊपर है और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ा है। जानें मौसम का ताजा अपडेट।

Madhubani Weather News: भीषण गर्मी और अत्यधिक उमस के कारण जिलेवासियों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. मानसूनी सीजन में आसमान में हल्के बादलों की मौजूदगी के बावजूद जिले में गर्मी से राहत नहीं मिल रही है. दिन का तापमान लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ है. हवा में नमी का स्तर अधिक होने के कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी और भारी बेचैनी का सामना करना पड़ रहा है.

जिले में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है. वहीं, हवा में 90 प्रतिशत से अधिक आर्द्रता के कारण लोगों को वास्तविक तापमान इससे कहीं अधिक महसूस हो रहा है. धीमी गति से चल रही पूरवा हवा ने वातावरण में उमस और बढ़ा दी है. स्थिति यह है कि पसीना सूखना भी मुश्किल हो रहा है.

उमस भरी गर्मी का स्वास्थ्य पर असर

भीषण गर्मी और उमस का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है. जिला अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डायरिया, उल्टी, चक्कर, डिहाइड्रेशन और तेज बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने की बात सामने आ रही है.

छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों पर मौसम का सबसे अधिक असर पड़ रहा है. चिकित्सकों की ओर से लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेते रहने की सलाह दी जा रही है.

दोपहर में बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा

दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप और उमस के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं. इसका असर बाजारों और मुख्य सड़कों पर भी दिखाई दे रहा है. दोपहर के समय कई इलाकों में सन्नाटा नजर आ रहा है.

जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोगों को भी गर्मी और उमस के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बिजली की बढ़ी मांग से ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या

गर्मी से राहत पाने के लिए घरों में पंखे, कूलर और एसी का लगातार इस्तेमाल हो रहा है. इससे बिजली की मांग बढ़ गयी है. कई इलाकों में बार-बार ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या सामने आ रही है.

वहीं, गर्मी के कारण कई मोहल्लों और ग्रामीण इलाकों में भूजल स्तर नीचे जाने से कुछ चापाकलों ने पानी देना कम कर दिया है या बंद कर दिया है. इससे पेयजल संकट भी गहराने लगा है.

खेती और कारोबार पर भी पड़ा असर

तीखी धूप और खेतों में पानी की कमी का असर कृषि पर भी पड़ रहा है. धान की फसल और हरी सब्जियों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गयी है.

वहीं, रिक्शा चालक, ठेला चालक और निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों को दोपहर में काम रोकना पड़ रहा है. इससे उनकी दैनिक कमाई पर भी असर पड़ रहा है.

13 से 16 अगस्त तक बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मानसून ट्रफ की स्थिति में बदलाव के कारण 13 से 16 अगस्त के बीच जिले सहित कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जतायी गयी है.

आगामी बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि, बारिश के दौरान लोगों को गरज-चमक और तेज हवा को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत होगी.

स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सिविल सर्जन ने जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने और दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश दिया है.

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से जरूरी नहीं होने पर दोपहर के समय घर से बाहर नहीं निकलने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की अपील की है.

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By Anil kunar jha

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