Madhubani News: शहर के बाजारों में बिना ट्रेड लाइसेंस के कारोबार करने वाले दुकानदारों की संख्या लगातार बनी हुई है. मिली जानकारी के अनुसार, शहर में करीब पांच हजार से अधिक दुकानदार बिना वैध लाइसेंस के दुकानें चला रहे हैं. इससे जहां नगर निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं बिना लाइसेंस कारोबार का संचालन भी जारी है. नगर निगम प्रशासन अब ऐसे दुकानदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है.
कार्रवाई से पहले दुकानदारों को मिलेगा अंतिम मौका
नगर निगम ने निर्णय लिया है कि कार्रवाई शुरू करने से पहले दुकानदारों को ट्रेड लाइसेंस बनवाने का अंतिम मौका दिया जायेगा. इसके लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष ट्रेड लाइसेंस कैंप लगाया जायेगा.
कैंप में आवेदन लेकर मौके पर ही लाइसेंस निर्गत करने की व्यवस्था रहेगी. दुकानदारों को आधार कार्ड, दुकान की किराया रसीद या मालिकाना कागजात और एक फोटो लेकर आना होगा. लाइसेंस की फीस दुकान के प्रकार और क्षेत्रफल के अनुसार निर्धारित की गयी है.
मुख्य बाजार समेत इन जगहों पर लगेगा कैंप
मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य बाजार, थाना चौक, स्टेशन रोड, शंकर चौक और कोतवाली चौक सहित भीड़-भाड़ वाले इलाकों में विशेष कैंप लगाया जायेगा.
नगर निगम सूत्रों के अनुसार, कई दुकानदार ट्रेड लाइसेंस लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं. कई दुकानदारों को यह भी जानकारी नहीं है कि छोटी गुमटी और ठेला-खोमचा के लिए भी ट्रेड लाइसेंस जरूरी है.
कैंप के बाद शुरू होगा सघन जांच अभियान
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विशेष कैंप के बाद सघन जांच अभियान चलाया जायेगा. निगम की राजस्व शाखा की टीम दुकानों पर जाकर ट्रेड लाइसेंस की जांच करेगी.
जिन दुकानों में लाइसेंस नहीं मिलेगा, उन पर पहले पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जायेगा. इसके बाद भी लाइसेंस नहीं लेने पर दुकान को सील करने की कार्रवाई की जायेगी और व्यवसाय को अवैध घोषित किया जायेगा.
नगर आयुक्त ने दुकानदारों से की अपील
नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती ने सभी दुकानदारों से अपील की है कि जुर्माने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए समय रहते ट्रेड लाइसेंस बनवा लें.
उन्होंने बताया कि ट्रेड लाइसेंस के लिए नगर निगम कार्यालय में प्रतिदिन आवेदन किया जा सकता है. लाइसेंस की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और सरल बनाया गया है. शीघ्र ही विशेष कैंप भी लगाया जायेगा.
नगर निगम के अनुसार, ट्रेड लाइसेंस से निगम की आय बढ़ने के साथ दुकानदारों को भी सरकारी योजनाओं और बैंक लोन में लाभ मिल सकता है. इसलिए व्यवसायियों को अंतिम मौके का लाभ उठाकर अपनी दुकान को वैध कराने की अपील की गयी है.
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