मधुबनी में आर्मी जवान की बेटी तबस्सुम बनीं डॉक्टर, ग्रामीण चुनौतियों को मात दे बनीं मिसाल

Madhubani Success Story: मधुबनी के राजनगर प्रखंड के हरिनगर गांव की बेटी डॉ. तबस्सुम परवीन ने तमाम चुनौतियों को पार कर MBBS की डिग्री हासिल की है. जानें उनकी प्रेरणादायक संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी.

Madhubani Success Story: कहते हैं कि सपने वही सच होते हैं जिनके पीछे अथक परिश्रम, दृढ़ संकल्प और परिवार का त्याग जुड़ा हो. इस कहावत को अक्षरशः सच साबित कर दिखाया है मधुबनी जिला के राजनगर प्रखंड अंतर्गत हरिनगर गांव की बेटी डॉ. तबस्सुम परवीन ने. उन्होंने तमाम सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए चिकित्सा क्षेत्र की प्रतिष्ठित एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री प्राप्त की है. उनकी इस अभूतपूर्व सफलता से न सिर्फ उनके माता-पिता, बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है.


चुनौतियों को मात देकर सच किया डॉक्टर बनने का सपना

मधुबनी जिले के ग्रामीण अंचलों में आज भी उच्च शिक्षा, विशेषकर बेटियों की पढ़ाई-लिखाई को लेकर अनेक बुनियादी चुनौतियां मौजूद हैं. ऐसे सीमित परिवेश में एक लड़की का डॉक्टर बनने का सपना देखना और उसे हकीकत में बदलना किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं था.

संसाधनों की घोर कमी, सामाजिक बंदिशें और एक लंबी शैक्षणिक यात्रा के मानसिक दबाव के बावजूद तबस्सुम ने कभी अपने हौसले को टूटने नहीं दिया. उनकी यह सफलता संघर्ष, धैर्य और अटूट आत्मविश्वास की एक ऐसी जीवंत कहानी है, जो आज की पीढ़ी के बच्चों के लिए एक मार्गदर्शक का काम करेगी.


पारिवारिक पृष्ठभूमि: सेना के जवान का त्याग और भाई का साथ

डॉ. तबस्सुम की इस ऐतिहासिक उड़ान के पीछे उनके परिवार का अटूट समर्पण रहा है. उनकी पारिवारिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • माता-पिता का संबल: डॉ. तबस्सुम परवीन के पिता मोहम्मद अलाउद्दीन भारतीय सेना के सेवानिवृत्त (Retired) जवान हैं और माता सायरा खातून एक कुशल गृहणी हैं. उन्होंने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी हमेशा शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और अपनी बेटी के सपनों से कभी समझौता नहीं किया.
  • प्रारंभिक शिक्षा: बड़े भाई आफताब के अनुसार, तबस्सुम की शुरुआती पढ़ाई इंडियन पब्लिक स्कूल, मधुबनी से संपन्न हुई.
  • उच्च शिक्षा (MBBS): स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने कड़ी मेहनत की और कटिहार मेडिकल कॉलेज से सफलतापूर्वक अपनी एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई पूरी कर चिकित्सक बनने का लक्ष्य हासिल किया.

“जरूरतमंद परिवारों की सेवा ही मेरा मुख्य लक्ष्य”

अपनी इस ऐतिहासिक सफलता पर डॉ. तबस्सुम परवीन ने बेहद शालीनता से अपनी प्राथमिकताओं को साझा किया.

डॉ. तबस्सुम परवीन का बयान: “मेरे माता-पिता ने जीवनभर कठिन परिश्रम और त्याग करके मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया है. मेरा गांव और समाज आज भी आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से काफी पिछड़ा हुआ है. अब मेरी यही कोशिश रहेगी कि मैं अपने ज्ञान और सेवा भावना के माध्यम से सीधे लोगों के काम आ सकूं और विशेष रूप से चिकित्सा सुविधाओं से वंचित जरूरतमंद परिवारों की नि:स्वार्थ सहायता कर सकूं.”


क्षेत्र में खुशी की लहर; जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

डॉ. तबस्सुम परवीन की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूरे राजनगर प्रखंड और मधुबनी क्षेत्र में हर्ष का माहौल है. उनकी इस सफलता पर बिहार के कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है:

  • डॉ. फैयाज अहमद (राज्यसभा सांसद)
  • सुजीत कुमार पासवान (विधायक, राजनगर)
  • आसिफ अहमद (विधायक, बिस्फी)
  • परवेज हसन दानिश (निदेशक, परसौनवी फाउंडेशन)

बधाई देने वाले सभी दिग्गजों ने संयुक्त रूप से कहा कि डॉ. तबस्सुम की सफलता पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है. एक साधारण ग्रामीण परिवार की बेटी का डॉक्टर बनना यह सिद्ध करता है कि प्रतिभा किसी विशेष सुविधा की मोहताज नहीं होती. यह कामयाबी आने वाली पीढ़ियों, विशेषकर बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें दृढ़ता से पूरा करने का हौसला देगी.

मधुबनी से नागेंद्र नाथ झा

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By Aaruni Thakur

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