अब मरीजों को बड़े अस्पताल का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा, मधुबनी सदर अस्पताल के ये आंकड़े दे रहे हैं गवाही

मधुबनी सदर अस्पताल मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने में सफल रहा है. अप्रैल से जुलाई के बीच रेफरल मामलों में 52.5% की भारी कमी आई है, जो स्थानीय उपचार की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है. प्रसव सेवाओं में भी 74.5% की वृद्धि हुई है.

Madhubani News: मधुबनी सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर एवं प्रभावी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयासों का सकारात्मक असर आंकड़ों में दिखाई दे रहा है. अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच अस्पताल में कुल 11,670 मरीज भर्ती हुए, जबकि इनमें से सिर्फ 105 मरीजों को उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया. वहीं इसी अवधि में रेफरल की संख्या में लगातार कमी दर्ज की गई और जुलाई में यह आंकड़ा घटकर महज 19 रह गया.

चार महीने में 11,670 मरीज भर्ती, 105 रेफर

सदर अस्पताल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में 2,939 मरीज इंडोर भर्ती हुए, जिनमें 40 मरीजों को रेफर किया गया. मई में 2,859 मरीज भर्ती हुए और 24 मरीज रेफर किए गए.

जून में 2,889 मरीज भर्ती हुए, जबकि रेफर किए गए मरीजों की संख्या घटकर 22 रह गई. जुलाई में 2,983 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए और इनमें से सिर्फ 19 मरीजों को उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान भेजा गया.

इस तरह अप्रैल से जुलाई के बीच कुल 11,670 मरीज भर्ती हुए, जबकि सिर्फ 105 मरीजों को रेफर किया गया.

जुलाई में रेफरल की संख्या 52.5% घटी

अप्रैल में जहां 40 मरीजों को रेफर किया गया था, वहीं जुलाई में यह संख्या घटकर 19 रह गई. यानी चार महीने की अवधि में अप्रैल की तुलना में जुलाई में रेफरल संख्या में 21 मरीजों की कमी आई, जो करीब 52.5 प्रतिशत है.

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार रेफरल में यह कमी स्थानीय स्तर पर इलाज एवं प्रबंधन व्यवस्था में सुधार का सकारात्मक संकेत है.

सी-सेक्शन में 74.5% की बढ़ोतरी

सदर अस्पताल में प्रसव एवं सर्जिकल सेवाओं के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. जून 2026 में 98 सी-सेक्शन किए गए थे, जबकि जुलाई में यह संख्या बढ़कर 171 हो गई.

एक महीने में सी-सेक्शन की संख्या में 73 की बढ़ोतरी हुई, जो करीब 74.5 प्रतिशत की वृद्धि है. इससे अस्पताल में जटिल प्रसव मामलों के स्थानीय स्तर पर प्रबंधन की क्षमता मजबूत होने का संकेत मिलता है.

स्थानीय स्तर पर गंभीर मरीजों के इलाज पर जोर

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सदर अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण उपचार, विशेषज्ञ सेवाओं, प्रसव एवं आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है. इसका उद्देश्य गंभीर एवं जटिल मामलों में अनावश्यक रेफरल को कम करना और मरीजों को जिला स्तर पर ही बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है.

मरीजों के लिए बढ़ी स्थानीय चिकित्सा सुविधा

अस्पताल में बढ़ती भर्ती, सर्जिकल सेवाओं और रेफरल में कमी से मरीजों को दूसरे स्वास्थ्य संस्थानों में जाने की जरूरत कम होने की उम्मीद है. इससे मरीजों और उनके परिजनों के समय, यात्रा और अतिरिक्त खर्च की बचत भी हो सकती है.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में विशेषज्ञ सेवाओं और आपातकालीन सुविधाओं को और मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जाएगा.

यह भी पढ़ें: कौन बनेगा स्कूल का सबसे बड़ा मेधावी? बेंता ककरघट्टी में बच्चों के बीच हुआ ज्ञान का मुकाबला


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anil kunar jha

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >