मधुबनी से ताराचंद प्रसाद की रिपोर्ट
Madhubani News: मधुबनी जिले के लदनियां क्षेत्र में किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. कभी अच्छी पैदावार देने वाली उपजाऊ कृषि भूमि अब धीरे-धीरे अपनी उत्पादकता खो रही है. किसानों का आरोप है कि खेतों से बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई और भूमि की प्रकृति में बदलाव के कारण खेती पर संकट गहराता जा रहा है. कई जगहों पर खेत अब फसलों की जगह झाड़ियों और ऊंची घास से ढंकते नजर आ रहे हैं.
मिट्टी कटाई से घट रही खेतों की उर्वरता
स्थानीय किसानों का कहना है कि ईंट-भट्ठों और निर्माण कार्यों के लिए उपजाऊ मिट्टी की लगातार कटाई की जा रही है. इससे खेतों की ऊपरी उपजाऊ परत नष्ट हो रही है और जमीन की उर्वरता तेजी से कम हो रही है. इसका सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ रहा है.
सिंचाई व्यवस्था भी हो रही प्रभावित
किसानों के अनुसार मिट्टी हटने और भूमि की संरचना बदलने से कई क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई है. खेतों में पानी का संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे खेती की लागत बढ़ती जा रही है. वहीं उत्पादन घटने के कारण किसानों की आमदनी पर भी असर पड़ रहा है.
भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता
ग्रामीणों का मानना है कि यदि अवैध मिट्टी कटाई और भूमि की किस्म बदलने की प्रक्रिया पर समय रहते रोक नहीं लगी तो आने वाले वर्षों में बड़ी मात्रा में कृषि भूमि अनुपयोगी हो सकती है. इससे न केवल किसानों की आजीविका प्रभावित होगी, बल्कि खाद्यान्न उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है.
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से मामले की जांच कराने, अवैध मिट्टी कटाई पर रोक लगाने और कृषि भूमि संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है. उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र की उपजाऊ जमीन बंजर होती चली जाएगी.
