मधुबनी से के के पुट्टी की रिपोर्ट
Madhubani News: सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) जमा करने के लिए राज्य खाद्य निगम से ईसी (एक्सेप्टेंस सर्टिफिकेट) नहीं मिलने के कारण पैक्स अध्यक्षों को चावल गिराने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.इस समस्या को लेकर मंगलवार को रहिका कॉपरेटिव बैंक के अध्यक्ष रमन कुमार सिंह ने बैंक के सभा कक्ष में पैक्स अध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की.बैठक में भारत सरकार द्वारा तय की गई सीएमआर जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून पर चर्चा हुई, जो पहले 28 फरवरी तक हुआ करती थी.
राज्य खाद्य निगम में अटका 80 करोड़ का भुगतान
बैंक अध्यक्ष रमन कुमार सिंह ने कहा कि समय बढ़ने के बाद भी पैक्स अध्यक्षों का चावल राज्य खाद्य निगम नहीं ले रहा है.समय से ईसी नहीं मिलने के कारण पैक्स अध्यक्षों को धान खरीद की राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है.जिससे उन पर प्रतिदिन 300 से 500 रुपये तक का ब्याज बढ़ रहा है.उन्होंने बताया कि पैक्स अध्यक्षों द्वारा समय पर सीएमआर जमा करने के बावजूद राज्य खाद्य निगम में करीब 80 करोड़ रुपये का भुगतान पेंडिंग है.यदि भुगतान जल्द नहीं हुआ, तो पैक्स अध्यक्षों के डिफॉल्टर होने की संभावना बढ़ जाएगी और वे आगे धान खरीद का काम बंद कर देंगे.
मांगें पूरी न होने पर पैक्स अध्यक्ष करेंगे आंदोलन
बैठक में उपस्थित पैक्स अध्यक्षों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यदि 15 जून तक उनकी सीएमआर की बकाया राशि का भुगतान राज्य खाद्य निगम द्वारा नहीं किया गया, तो वे निगम के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.
गोदाम की कमी के बावजूद ईसी जारी करने का दावा
इस पूरे मामले पर राज्य खाद्य निगम के प्रबंधक जितेंद्र किशोर ने बताया कि गोदाम की समस्या होने के बावजूद विभाग अब तक 90 लॉट चावल के लिए ईसी निर्गत कर चुका है और 47 हजार 207 एमटी चावल प्राप्त कर लिया गया है.उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन दिनों में पैक्स द्वारा सिर्फ 20 लॉट ही चावल दिया गया है और वे ईसी के अनुरूप आपूर्ति नहीं कर रहे हैं.प्रबंधक ने कहा कि अभी 21 हजार 572 एमटी चावल के लिए ईसी निर्गत करना बाकी है, जिसे 15 जून तक पूरा कर लिया जाएगा.
