डीएम साहब भूमिहीनों को बांटेंगे बंदोबस्ती पर्चा... इतना सुनते ही मधुबनी कलेक्ट्रेट पहुंचीं 400 महिलाएं, दर्ज करानी पड़ी FIR

मधुबनी समाहरणालय में अचानक 300-400 महिलाओं की भीड़ जुटने से अफरातफरी मच गई. भूमिहीन परिवारों को वासगीत और बंदोबस्त पर्चा बांटने की भ्रामक सूचना फैलाई गई थी, जिसके बाद प्रशासन को मामला दर्ज करना पड़ा. किसी भी सरकारी सूचना की पुष्टि संबंधित विभाग से अवश्य करें.

मधुबनी बंदोबस्त पर्चा वितरण: भूमिहीन परिवारों को वासगीत और बंदोबस्त पर्चा मिलने की सूचना पर शुक्रवार को मधुबनी समाहरणालय में अचानक 300 से 400 महिलाओं की भीड़ जुट गयी. महिलाओं को सूचना दी गयी थी कि जिलाधिकारी समाहरणालय परिसर में पर्चा वितरित करेंगे. देखते ही देखते भीड़ बढ़ने से कुछ देर के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गयी. प्रशासनिक कामकाज के साथ यातायात और विधि-व्यवस्था भी प्रभावित हुई. मामले में नगर थाने में सात नामजद समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.

भ्रामक सूचना फैलाने का आरोप

प्राथमिकी में बाबूबरही के चिंटू कुमार, झंझारपुर के मोहन कुमार, खुरौना के मो. एजाज, बेनीपट्टी के सेतु कुमार, बासोपट्टी के छेदू साफी, पंडौल के मिथिलेश और हरलाखी के राकेश कुमार को नामजद किया गया है.

पुलिस प्राथमिकी के अनुसार, इन लोगों पर भ्रामक सूचना फैलाकर महिलाओं को समाहरणालय बुलाने का आरोप है. अचानक बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बाद प्रशासन को भीड़ को नियंत्रित करने और स्थिति सामान्य करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा.

अलग-अलग गांवों से पहुंचीं महिलाएं

बताया गया कि जिले के अलग-अलग गांवों में यह सूचना फैली कि जिलाधिकारी भूमिहीन परिवारों को वासगीत और बंदोबस्त पर्चा वितरित करेंगे. सूचना मिलने के बाद महिलाएं समाहरणालय पहुंचने लगीं.

कुछ ही समय में परिसर में बड़ी संख्या में महिलाएं जमा हो गयीं. इससे समाहरणालय आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी हुई. प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर स्थिति को संभाला.

अंचल कार्यालय में होता है आवेदन

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान बसेरा के तहत वासगीत पर्चा के लिए आवेदन संबंधित अंचल कार्यालय में किया जाता है. आवेदन मिलने के बाद संबंधित स्तर पर उसकी जांच की जाती है. पात्र लाभुकों को प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंचल स्तर से पर्चा उपलब्ध कराया जाता है.

प्रशासन के मुताबिक, समाहरणालय में वासगीत या बंदोबस्त पर्चा वितरण की ऐसी कोई निर्धारित प्रक्रिया नहीं है. ऐसे में लोगों से अपील की गयी है कि किसी भी सूचना पर सीधे विश्वास करने के बजाय उसकी पुष्टि संबंधित कार्यालय से करें.

डीएम ने कार्रवाई के दिए निर्देश

जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने भ्रामक सूचना फैलाकर लोगों को भ्रमित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इसके बाद नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी.

प्रशासन ने लोगों से कहा है कि सरकारी योजनाओं और लाभ से जुड़ी जानकारी के लिए संबंधित अंचल कार्यालय या प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करें. बिना पुष्टि के सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से मिली सूचना के आधार पर कहीं भी भीड़ जुटाने से परेशानी पैदा हो सकती है.

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By अनिकेत कुमार

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