Madhubani DM: मधुबनी में विकास योजनाओं की रफ्तार तेज करने को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है. सोमवार की देर शाम समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की टॉप-10 योजनाओं की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में लघु जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल मधुबनी एवं झंझारपुर तथा विद्युत आपूर्ति प्रमंडल जयनगर की प्रमुख योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई. जिलाधिकारी ने अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और लंबित कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया.
चेक डैम निर्माण योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में लघु जल संसाधन विभाग की ओर से संचालित जल-जीवन-हरियाली और हर खेत तक सिंचाई का पानी कार्यक्रम के तहत चल रही योजनाओं की समीक्षा की गई.
इस दौरान करहरवा चेक डैम, रैय चंदा चेक डैम, महथौर गोट चेक डैम और इटहर चेक डैम सहित अन्य निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, कार्य प्रारंभ होने की स्थिति और भौतिक प्रगति की जानकारी अधिकारियों से ली गई. जिलाधिकारी ने योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दिया.
हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने पर फोकस
लोक स्वास्थ्य प्रमंडल की समीक्षा के दौरान पंचायती राज विभाग के अंतर्गत उन टोलों पर विशेष चर्चा हुई, जहां अब तक जलापूर्ति योजना का लाभ नहीं पहुंच सका है.
प्रखंडवार और स्थलवार समीक्षा करते हुए नए जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई. जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छूटे हुए सभी टोलों में जल्द से जल्द पेयजल योजनाओं का कार्य शुरू कराया जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके.
कृषि बिजली कनेक्शन और स्मार्ट मीटर पर भी समीक्षा
बैठक में विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, जयनगर की योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई. इस दौरान प्रखंडवार कृषि विद्युत कनेक्शन, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रगति और अन्य विद्युत परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई.
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की अद्यतन रिपोर्ट ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि किसानों और आम उपभोक्ताओं को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके.
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक नितेश पाठक सहित लघु जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, विद्युत आपूर्ति और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे. समीक्षा के दौरान सभी विभागों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और तय समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए.
