Madhubani News: मधुबनी. बेनीपट्टी प्रखंड कार्यालय परिसर में अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के राज्यव्यापी आह्वान पर गुरुवार से गरीबों, भूमिहीनों एवं ग्रामीण मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर दो दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन शुरू हुआ. आंदोलन शुक्रवार 14 अगस्त तक जारी रहेगा. सत्याग्रह में विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में गरीब, भूमिहीन, मजदूर एवं ग्रामीण शामिल हुए.
खेग्रामस ने शुरू किया दो दिवसीय सत्याग्रह
सत्याग्रह स्थल पर खेग्रामस राज्य कार्यकारिणी सदस्य श्याम पंडित की अध्यक्षता में सभा आयोजित की गई. सभा में भाकपा-माले के जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण समेत विभिन्न वक्ताओं ने गरीबों, भूमिहीनों और ग्रामीण मजदूरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया.
भूमिहीनों को 5 डिसमिल जमीन और बासगीत पर्चा देने की मांग
ध्रुव नारायण कर्ण ने कहा कि बड़ी संख्या में गरीब परिवार आज भी भूमिहीन हैं और वर्षों से बसे लोगों को भूमि अधिकार मिलना चाहिए. उन्होंने पीपी एक्ट 1947 के तहत पात्र परिवारों को बासगीत पर्चा देने तथा सभी भूमिहीन परिवारों को 5 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने की मांग की.
उन्होंने प्रत्येक पंचायत में भूमिहीनों के लिए आवासीय कॉलोनी बनाने और जमीन का मालिकाना कागज देने की शर्त वापस लेने की भी मांग उठाई.
आवास की राशि बढ़ाकर 5 लाख करने की मांग
वक्ताओं ने गरीब परिवारों के लिए आवास योजना की राशि बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की मांग की. उनका कहना था कि वर्तमान समय में निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों को देखते हुए गरीब परिवारों के लिए पर्याप्त आवास राशि जरूरी है.
राशन कार्ड और मनरेगा को लेकर भी उठी आवाज
आंदोलनकारियों ने राशन सूची से गरीबों के नाम काटने का आदेश वापस लेने तथा सभी गरीब परिवारों को राशन कार्ड देने की मांग की. इसके अलावा मनरेगा को मजबूत करने, नियमित काम उपलब्ध कराने और उचित मजदूरी देने की मांग भी रखी गई.
अकुशल मजदूरों के लिए 700 रुपये दैनिक न्यूनतम मजदूरी घोषित करने की मांग भी प्रमुख रही.
प्रवासी मजदूरों और पेंशन का मुद्दा उठा
वक्ताओं ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, सम्मान और रोजगार की गारंटी की मांग की. गांवों में पानी और सफाई की व्यवस्था बेहतर करने तथा होल्डिंग टैक्स की वसूली बंद करने की मांग भी उठाई गई.
इसके अलावा वृद्ध, दिव्यांग एवं विधवा पेंशन बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई.
शिक्षा के निजीकरण पर रोक की मांग
सत्याग्रह में शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने और सरकारी विद्यालयों को नवोदय विद्यालय के स्तर पर विकसित करने की मांग भी रखी गई. आंदोलनकारियों ने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है.
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
कार्यक्रम में श्याम पंडित, सुनीता देवी सदाय, धर्मदास पासवान, फकीर पासवान, राम विनय पासवान, अशर्फी सदाय, राजेंद्र पासवान, शिवजी राम, घोघी सदाय, उत्तीम कामत, जानकी देवी और चंदेश्वर पासवान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे.
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