Jhanjharpur Police: झंझारपुर और फुलपरास अनुमंडल के पुलिस अधिकारियों के साथ एसडीपीओ सुबोध कुमार सिन्हा ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में अपराध गोष्ठी कर पुलिसिंग व्यवस्था और लंबित मामलों के निष्पादन की समीक्षा की. बैठक में दोनों अनुमंडलों के सभी अंचल निरीक्षक और थाना प्रभारी शामिल हुए.
ई-साक्ष्य ऐप से रिकॉर्डिंग अनिवार्य
बैठक में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत पुलिसिंग को आधुनिक बनाने और साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ाने पर जोर दिया गया. एसडीपीओ ने छापेमारी, तलाशी, जब्ती और बयान दर्ज करने के दौरान ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से वीडियो और फोटो रिकॉर्डिंग अनिवार्य करने का निर्देश दिया.
उन्होंने अपराध नियंत्रण के लिए नियमित वाहन जांच, फरार आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट और कुर्की-जब्ती की कार्रवाई तेज करने को कहा. उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय में लंबित मामलों को प्राथमिकता से निष्पादित करने का भी निर्देश दिया गया.
आगामी श्रावणी मेले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, भूमि विवादों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126/135 के तहत त्वरित निरोधात्मक कार्रवाई और सहयोग पोर्टल से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निवारण करने को कहा गया.
झंझारपुर में 113.91 और फुलपरास में 132.53 प्रतिशत निष्पादन
समीक्षा के अनुसार झंझारपुर अनुमंडल में 194 मामले दर्ज हुए, जबकि 221 मामलों का निष्पादन किया गया. यहां निष्पादन दर 113.91 प्रतिशत रही. झंझारपुर थाना 142.10 प्रतिशत और भैरवस्थान थाना 141.17 प्रतिशत निष्पादन के साथ बेहतर प्रदर्शन करने वाले थानों में रहे. वहीं अररिया संग्राम थाना 66.66 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे रहा.
फुलपरास अनुमंडल में 209 मामले दर्ज हुए और 277 मामलों का निष्पादन किया गया. यहां निष्पादन दर 132.53 प्रतिशत रही. फुलपरास थाना 204.54 प्रतिशत और लौकहा थाना 134.61 प्रतिशत के साथ बेहतर प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे. घोघरडीहा थाना 86.20 प्रतिशत के साथ सबसे कमजोर रहा.
बेहतर कार्य के लिए झंझारपुर, भैरवस्थान, फुलपरास और लौकहा थाना प्रभारियों की सराहना की गयी. वहीं अररिया संग्राम और घोघरडीहा के थाना प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. एसडीपीओ ने स्पष्ट कहा कि पुलिसिंग में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
