मधुबनी: सिविल सर्जन के निर्देश पर शनिवार को मां दुर्गा नर्सिंग होम को सील करने पहुंची प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर नर्सिंग होम की जगह खाली मकान मिला. भवन में न तो नर्सिंग होम का बोर्ड था और न ही कोई चिकित्सकीय उपकरण. सभी कमरों के दरवाजे खुले थे और पूरा फ्लोर खाली पड़ा था. इसके बाद टीम बिना सील किए ही लौट गयी.
सील की कार्रवाई के लिए अंचलाधिकारी सह दंडाधिकारी प्रशांत कुमार झा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंचा था. अधिकारियों ने खाली कमरों में ही करीब एक घंटे तक रिपोर्ट तैयार की.
किराया बकाया रहने पर भवन खाली कराने की बात
मकान मालिक संजीव भंडारी ने बताया कि कुछ दिन पहले ही नर्सिंग होम के सामने हुए हंगामे और किराया बकाया रहने के कारण भवन खाली करा लिया गया था. अधिकारियों ने एग्रीमेंट का कागज मंगवाया तो उसकी अवधि 31 अगस्त को समाप्त होना पाया गया.
सीओ प्रशांत कुमार झा ने बताया कि वह विधि-व्यवस्था को लेकर मौके पर पहुंचे थे. वहां नर्सिंग होम नहीं मिलने के कारण सील की कार्रवाई नहीं हो सकी.
18 अगस्त की जांच में बिना पंजीयन मिला था नर्सिंग होम
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मुकेश कुमार ने बताया कि 18 अगस्त को इसी स्थल पर संयुक्त जांच दल ने जांच की थी. जांच के दौरान नर्सिंग होम बिना पंजीयन के संचालित पाया गया था. उसी जांच रिपोर्ट के आधार पर सिविल सर्जन ने नर्सिंग होम को सील करने का आदेश दिया था.
शनिवार को स्थल खाली मिलने के बाद एग्रीमेंट के आधार पर संबंधित लोगों को नोटिस भेजने की बात कही गयी है. पूरी रिपोर्ट सिविल सर्जन को भी भेजी जायेगी.
शिकायत के बाद हुई थी जांच
बताया गया कि सहयोग पोर्टल पर अरुण कुमार की शिकायत के बाद 18 अगस्त को अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के नेतृत्व में जांच की गयी थी. जांच रिपोर्ट में नर्सिंग होम को सील करने की अनुशंसा की गयी थी.
इसी रिपोर्ट के आलोक में एसडीएम टोनी कुमारी ने दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की थी और शनिवार को सील करने की तिथि निर्धारित की गयी थी. हालांकि, टीम के पहुंचने पर मौके पर नर्सिंग होम संचालित स्थिति में नहीं मिला.
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