मधुबनी: झंझारपुर के 11 वर्षीय बाल साहित्यकार आदर्श भारद्वाज से सांसद ने शनिवार को उनके आवास पर मुलाकात की. इतनी कम उम्र में साहित्य के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने पर सांसद ने आदर्श की प्रतिभा की सराहना की और उन्हें अंगवस्त्र व प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया.
डॉन बॉस्को कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा सात के छात्र आदर्श भारद्वाज अब तक आठ पुस्तकों के लेखक बन चुके हैं. उनकी लेखन प्रतिभा ने कम उम्र में ही उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलायी है.
11 साल में लिखीं आठ पुस्तकें
आदर्श की प्रमुख पुस्तकों में ‘भय का रहस्यमय सूत्र’, ‘छिपी हुई दुनिया’, ‘शाश्वत प्रेम’, ‘उम्र से पहले स्याही’, ‘दिव्य गाथा’, ‘बस्ते में कविता’, ‘आधी रात की कहानियां’ और मैथिली में लिखी ‘नन्हीं आंखिसन भूतन’ शामिल हैं.
मैथिली भाषा में लिखी पुस्तक को छोड़कर आदर्श की बाकी सभी पुस्तकें अंग्रेजी में हैं. इतनी कम उम्र में आठ पुस्तकों का लेखन उनकी साहित्यिक रुचि और रचनात्मक क्षमता को दर्शाता है.
सांसद ने कहा- पूरे मिथिला के लिए गौरव
मुलाकात के दौरान सांसद ने आदर्श की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इतनी छोटी उम्र में साहित्य के प्रति उनका समर्पण और रचनात्मक सोच वाकई प्रेरणादायी है. यह सिर्फ झंझारपुर ही नहीं, बल्कि पूरे मिथिला के लिए गौरव की बात है.
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोत्साहन और उचित मंच मिलना चाहिए, ताकि उनकी प्रतिभा और निखर सके.
माता-पिता से भी ली लेखन यात्रा की जानकारी
सांसद ने आदर्श के माता-पिता डॉ. सुरविंद्र झा और डॉ. सुधा झा से भी मुलाकात की. उन्होंने आदर्श की लेखन यात्रा, साहित्य के प्रति रुचि और उनकी उपलब्धियों के बारे में जानकारी ली.
सांसद ने आदर्श की प्रतिभा को आगे बढ़ाने में माता-पिता के प्रयासों की भी सराहना की.
नई दिल्ली में मिला ‘लेखक-2026’ सम्मान
बताया गया कि आदर्श भारद्वाज को हाल ही में नई दिल्ली में ‘श्री अटल बिहारी वाजपेयी वर्ष के लेखक-2026’ सम्मान से नवाजा गया है. इसके अलावा उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी मिल चुके हैं.
यह भी पढ़ें
शादी के कुछ ही महीने बाद सड़क हादसे में युवक की मौत, शव गांव पहुंचते ही मचा कोहराम
