Human Trafficking: मधुबनी जिले के राजनगर में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 18वीं वाहिनी के प्रांगण में मानव तस्करी के विरुद्ध दो दिवसीय विशेष जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया. इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा बलों और स्थानीय स्तर पर काम करने वाले संगठनों के बीच समन्वय स्थापित कर मानव तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक समस्या पर अंकुश लगाना है. कार्यक्रम के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने और उनकी पहचान करने के तरीकों पर विशेष रूप से मंथन किया गया.
विशेषज्ञों ने दी मानव तस्करी की रोकथाम और बचाव की जानकारी
कार्यशाला के दौरान सर्वो प्रयास संस्थान, मधुबनी और बिहार सेवा समिति, मधुबनी से आए विशेष वक्ताओं और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया. उन्होंने अपने व्याख्यान के माध्यम से मानव तस्करी के तौर-तरीकों, उसकी पहचान करने के तरीकों और पीड़ितों के बचाव से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला. विशेषज्ञों ने बताया कि किस तरह सतर्कता बरतकर तस्करों के मंसूबों को नाकाम किया जा सकता है और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है.
कमांडिंग ऑफिसर कोजा राम लोमरोड़ ने अतिथियों का किया स्वागत
कार्यक्रम के शानदार शुभारंभ अवसर पर एसएसबी के कमांडिंग ऑफिसर कोजा राम लोमरोड़ ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी प्रतिष्ठित अतिथियों और विषय विशेषज्ञों को पारंपरिक तरीके से दोपटा भेंट कर उनका warm welcome किया. उन्होंने अपने संबोधन में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को सुरक्षा बलों और समाज दोनों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया. साथ ही सीमा क्षेत्र में पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी निभाने का संकल्प भी दोहराया गया.
160 से अधिक कार्मिकों ने लिया हिस्सा, वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस दो दिवसीय महत्वपूर्ण कार्यशाला में सशस्त्र सीमा बल के कुल 160 कार्मिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और प्रशिक्षण प्राप्त किया. इस अवसर पर उप कमांडेंट अजीत सिंह और उप कमांडेंट श्री राम नारायण विश्वास सहित कुल 4 वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे. सभी अधिकारियों और जवानों ने कार्यशाला के दौरान सीखे गए गुरों को अपने कार्यक्षेत्र में पूरी ईमानदारी से लागू करने की बात कही.
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