Madhubani News: मधुबनी सदर अस्पताल में जीवन रक्षक दवाओं की कमी से मरीजों की परेशानी बढ़ गयी है. अस्पताल के दवा भंडार में कई जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है. दवा की कमी के साथ अस्पताल में मानव बल की भी समस्या बनी हुई है. इससे दवा वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है और मरीजों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है.
सदर अस्पताल में कई जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं
सदर अस्पताल के दवा भंडार सूत्रों के अनुसार टेक्सामिथासोन, लिबर्टीसटाम, नॉर्मल सलाइन 100 एमएल, नेबुलाइजर में उपयोग होने वाला ड्यूलिन और वुडारोट उपलब्ध नहीं है. जरूरी दवाओं की उपलब्धता नहीं होने से मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है. इससे खासकर गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ रहा है.
268 में 236 प्रकार की दवा ही ओपीडी में उपलब्ध
दवा भंडार के अनुसार ओपीडी में उपलब्ध होने वाली 268 प्रकार की दवाओं के मुकाबले फिलहाल 236 प्रकार की दवाएं ही उपलब्ध हैं. वहीं आईपीडी में 156 के मुकाबले 125 प्रकार की दवाएं मौजूद हैं. जिला दवा भंडार में 269 के मुकाबले 138 और कंज्यूमेबल में 156 के मुकाबले केवल 78 प्रकार की सामग्री उपलब्ध है.
दवा आपूर्ति में कमी से बढ़ी परेशानी
सूत्रों के अनुसार दवा आपूर्ति एजेंसी बीएमएसआईसीएल की ओर से पर्याप्त दवा उपलब्ध नहीं करायी जा रही है. वहीं अस्पताल में दवा की खरीदारी के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी चल रही है. समय बीतने के साथ उपलब्ध दवाओं की संख्या लगातार घट रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में मरीजों की परेशानी और बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है.
अस्पताल में मानव बल की भी भारी कमी
सदर अस्पताल में दवाओं के साथ-साथ कर्मचारियों की भी कमी बनी हुई है. अस्पताल में एक भी वार्ड बॉय नहीं है. फार्मासिस्ट के स्वीकृत पांच पदों के मुकाबले केवल दो फार्मासिस्ट पदस्थापित हैं. इसके अलावा चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों और स्टाफ नर्स की भी कमी बतायी जा रही है.
दवा लेने के लिए घंटों लाइन में लग रहे मरीज
दवा वितरण केंद्र पर मरीजों को घंटों लाइन में लगने के बाद दवा मिल पा रही है. ओपीडी में दवा वितरण के लिए केवल दो काउंटर उपलब्ध हैं, जबकि प्रतिदिन करीब 400 से 500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. फार्मासिस्टों की कमी के कारण दवा वितरण सहित अन्य कार्यों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
सिविल सर्जन ने जल्द समस्या दूर होने की कही बात
मामले में सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार ने बताया कि दवा की खरीदारी के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने कहा कि दवाओं की कमी को जल्द दूर कर लिया जाएगा.
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