मधुबनी: उमगांव-बेनीपट्टी मुख्य मार्ग स्थित जिरौल गांव में जलजमाव की समस्या से स्थानीय लोगों के साथ-साथ राहगीरों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बरसात के दिनों में मुख्य सड़क झील में तब्दील हो जाती है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे पर्याप्त जगह होने के बावजूद जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की जा रही है.
स्कूल जाने वाले बच्चों को भी पानी से गुजरना पड़ता है
ग्रामीण दीपक साह सहित अन्य लोगों ने बताया कि बरसात में मुख्य सड़क पर जलजमाव आम हो गया है. बेनीपट्टी अनुमंडल मुख्यालय सहित अन्य स्थानों पर जाने वाले लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ता है.
सड़क के बगल में सरकारी विद्यालय भी है. छोटे-छोटे बच्चों को प्रतिदिन इसी जलजमाव से होकर स्कूल जाना पड़ता है. पानी में गुजरने के दौरान बच्चों के कपड़े भीग जाते हैं. कई बार लोग फिसलकर गिरने से चोटिल भी हो जाते हैं.
वाहनों के खराब होने से बढ़ी परेशानी
जलजमाव के कारण इस सड़क से गुजरने वाले सरकारी और निजी वाहनों को भी नुकसान हो रहा है. लगातार पानी जमा रहने से सड़क भी क्षतिग्रस्त हो रही है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गयी, तो सड़क जल्द ही पूरी तरह खराब हो सकती है.
जनकपुरधाम और गिरिजास्थान जाने का प्रमुख रास्ता
उमगांव-बेनीपट्टी मुख्य मार्ग महत्वपूर्ण सड़क है. इसी रास्ते से नेपाल की धार्मिक नगरी जनकपुरधाम जाने वाले लोग गुजरते हैं. फुलहर स्थित प्रसिद्ध गिरिजास्थान जाने के लिए भी इसी मार्ग का इस्तेमाल किया जाता है.
ग्रामीणों के अनुसार, प्रतिदिन अधिकारी और सरकारी वाहन भी इस सड़क से गुजरते हैं. इसके बावजूद जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है. जलजमाव को लेकर राहगीरों में भी नाराजगी देखी जा रही है.
नाला बनाकर हो सकती है जलनिकासी
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे नाला का निर्माण कर पास की नदी में पानी की निकासी की जा सकती है. इसके लिए पर्याप्त जगह भी उपलब्ध है. इसके बावजूद अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं की गयी है.
लोगों ने संबंधित जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से सड़क किनारे नाला निर्माण कर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि बारिश के दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी न हो.
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