डायरी नहीं भेजने पर अनुसंधानकर्ता से स्पष्टीकरण

पंडौल थाना के अनुसंधानकर्ता को न्यायालय के आदेश की अवहेलना करना महंगा पड़ा.

मधुबनी . पंडौल थाना के अनुसंधानकर्ता को न्यायालय के आदेश की अवहेलना करना महंगा पड़ा. मामले में दाखिल अग्रिम जमानत आवेदन की सुनवाई के दौरान एडीजे प्रथम सह विशेष न्यायाधीश प्रथम सैयद मो. फजलुल बारी ने समय से डायरी नहीं भेजने पर अनुसंधानकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. विशेष लोक अभियोजक सपन कुमार सिंह के अनुसार सुबोध कुमार चौधरी हत्या मामले में अभियुक्त है. अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए 12 जून 2024 को विशेष न्यायाधीश की न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दाखिल किया था. न्यायालय ने सुनवाई के दौरान 13 जून 2024 को केस से संबंधित डायरी अनुसंधानकर्ता से मांग की. लेकिन अनुसंधानकर्ता ने 24 जुलाई 2024 तक न्यायालय में डायरी उपस्थित नहीं किया. इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष न्यायाधीश ने अनुसंधानकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >