Madhubani News: बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए उत्पाद विभाग की टीम ने सोमवार को जिलेभर में विशेष अभियान चलाया. इस दौरान 90 स्थानों पर छापेमारी कर 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया. कार्रवाई में 762 लीटर देसी शराब बरामद करने के साथ शराब तस्करी में इस्तेमाल दो वाहनों को भी जब्त किया गया. अवैध शराब निर्माण के ठिकानों की पहचान के लिए ड्रोन तकनीक की भी मदद ली गई.
90 जगहों पर छापेमारी, 13 लोग गिरफ्तार
उत्पाद अधीक्षक विजयकांत ठाकुर ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी की गई. इस कार्रवाई में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें दो शराब तस्कर और 11 शराब का सेवन करने वाले लोग शामिल हैं.
छापेमारी के दौरान टीम ने 382 लीटर देसी शराब बरामद की. इसके अलावा अवैध शराब निर्माण स्थलों पर ड्रोन से निगरानी की गई, जहां से 380 लीटर तैयार देसी शराब जब्त की गई. इस तरह कुल 762 लीटर देसी शराब बरामद हुई.
ड्रोन से अवैध शराब ठिकानों की निगरानी
अवैध शराब निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए उत्पाद विभाग ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया. अरेर थाना क्षेत्र के नगवास और बरही गांव में ड्रोन के माध्यम से निगरानी की गई.
निगरानी के दौरान अवैध शराब निर्माण की गतिविधियां सामने आने के बाद उत्पाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची. वहां से 510 किलोग्राम अर्धनिर्मित शराब के घोल को जब्त कर नष्ट किया गया.
शराब तस्करी में इस्तेमाल दो वाहन जब्त
अभियान के दौरान शराब परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे दो वाहनों को भी जब्त किया गया. विभाग ने शराब के निर्माण, भंडारण और तस्करी से जुड़े मामलों में कार्रवाई तेज कर दी है.
उत्पाद अधीक्षक विजयकांत ठाकुर ने कहा कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि अवैध शराब के निर्माण और तस्करी की सूचना मिलने पर तत्काल उत्पाद विभाग या स्थानीय प्रशासन को जानकारी दें.
न्यायिक हिरासत में भेजे गए गिरफ्तार आरोपित
उत्पाद विभाग के अनुसार गिरफ्तार सभी आरोपितों के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई. इसके बाद सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए जिले में विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा. अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, तस्करी और सेवन पर रोक लगाने के लिए छापेमारी के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा.
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