गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण में मधुबनी ने बनाया रिकॉर्ड, ऑनलाइन ओपीडी भी 100%

मधुबनी में स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा के दौरान मातृ-शिशु सेवाओं और डिजिटल हेल्थ सिस्टम के आंकड़े सामने आए. गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण से लेकर ऑनलाइन ओपीडी और मुफ्त दवा वितरण तक जिले ने कई मानकों पर बेहतर प्रदर्शन किया.

मधुबनी स्वास्थ्य विभाग समीक्षा: स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मधुबनी जिले ने कई योजनाओं के तय मानकों पर बेहतर प्रदर्शन किया है. स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर डिजिटल हेल्थ सिस्टम तक जिले की प्रगति सामने आई. गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण में जिले ने 102 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है, जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ऑनलाइन ओपीडी परामर्श भी 100 प्रतिशत दर्ज किया गया.

गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण में 102% उपलब्धि

डीएम के निर्देश पर अपर समाहर्ता आपदा संतोष कुमार की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की वर्चुअल समीक्षा बैठक हुई. इसमें जिले में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली की विस्तार से समीक्षा की गई.

मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में पहली तिमाही के दौरान गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण में मधुबनी ने 102 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की. लौकही, अंधराठाढ़ी और मधेपुर प्रखंड का प्रदर्शन इसमें बेहतर रहा. गर्भवती महिलाओं को आयरन और कैल्शियम की पूरी खुराक उपलब्ध कराने में भी जिले का प्रदर्शन बेहतर बताया गया.

6,646 प्रसव, सदर अस्पताल में 159 सिजेरियन

जिले के सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 6,646 प्रसव कराए गए. इसमें झंझारपुर और खुटौना का प्रदर्शन सराहनीय रहा. वहीं, सदर अस्पताल में अगस्त महीने के दौरान 159 सफल सिजेरियन प्रसव कराए गए.

शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में अति कुपोषित बच्चों के लिए संचालित एनआरसी केंद्रों का प्रदर्शन भी सामने आया. झंझारपुर और खुटौना ने निर्धारित लक्ष्य से दोगुना बच्चों का दाखिला कर बेहतर काम किया. सदर अस्पताल स्थित एसएनसीयू में अगस्त में 138 नवजात शिशुओं का सफल इलाज किया गया.

ऑनलाइन ओपीडी में भी जिला आगे

डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 100 प्रतिशत ऑनलाइन ओपीडी परामर्श दर्ज किया गया. कलुआही, खजौली, मधवापुर, मधेपुर और बेनीपट्टी पीएचसी ने शत-प्रतिशत ऑनलाइन ओपीडी परामर्श का लक्ष्य कायम रखा.

त्वरित पंजीकरण के लिए 'स्कैन एंड शेयर' सेवा का भी व्यापक इस्तेमाल किया गया. वहीं, 76 प्रतिशत ओपीडी परामर्श को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट के इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड से जोड़ा गया. सदर अस्पताल 98 प्रतिशत उपलब्धि के साथ सबसे आगे रहा.

मुफ्त दवा वितरण में 104% दर

अस्पतालों में ओपीडी मरीजों को मुफ्त दवा वितरण की दर 104 प्रतिशत रही. अनुमंडलीय अस्पताल फुलपरास और राजनगर सीएचसी का प्रदर्शन इसमें बेहतर रहा. जिले के विभिन्न अस्पतालों में कुल 16,974 पैथोलॉजी जांच भी की गई.

कम उपलब्धि वाले संस्थानों की होगी समीक्षा

समीक्षा बैठक में तय किया गया कि जिन चिकित्सकों का ऑनलाइन ओपीडी रेशियो 95 प्रतिशत से कम पाया गया है, उनके प्रदर्शन की विभागीय समीक्षा की जाएगी और जरूरत के अनुसार कार्रवाई होगी.

अपर समाहर्ता आपदा संतोष कुमार ने कम संस्थागत प्रसव और कम पैथोलॉजी जांच वाले संस्थानों को सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया. उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया.

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