जिले के सभी सरकारी अस्पताल मार्च 2027 तक सोलर लाइट से होगा रोशन

स्वास्थ्य विभाग ने मधुबनी के सभी सरकारी अस्पतालों को सोलर ऊर्जा से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। मार्च 2027 तक सभी अस्पताल हरित ऊर्जा से जगमगाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की तैयारी, अगले माह से चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा कार्यफोटो :

परिचय : माडल सदर अस्पताल

प्रतिनिधि, मधुबनी

वित्तीय वर्ष 2026-27 के मार्च तक सदर अस्पताल सहित जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थान सोलर लाइट से रोशन होगा. इसके लिए विभागीय कवायद शुरू है. अगले माह से चरणबद्ध तरीके से कार्य शुरू कर दिया जाएगा. इसके बाद जिला का सरकारी अस्पताल स्वच्छ और हरित ऊर्जा की ओर अग्रसर होगा. स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल से लेकर अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तथा अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से सोलर लाइट लगाने की तैयारी शुरू कर दी है. विभाग ने मार्च 2027 तक सभी सरकारी अस्पतालों में सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. अगले माह से इस योजना पर कार्य शुरू होने की संभावना है.

सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को मिलेगा लाभ

प्रत्येक अस्पताल की बिजली आवश्यकता और उपलब्ध छत के क्षेत्रफल के आधार पर उपयुक्त क्षमता के सोलर पैनल लगाए जाएंगे. जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी सहित सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को इस योजना से जोड़ा जाएगा. जिन अस्पतालों में पहले से सोलर पैनल लगे हैं, वहां शेष हिस्से को भी इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा, ताकि अधिकतम ऊर्जा सौर स्रोत से प्राप्त हो सके.

अधिक बिजली खपत वाले अस्पतालों पर विशेष फोकस

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार जिला अस्पताल एवं अधिक बिजली खपत वाले स्वास्थ्य संस्थानों में उच्च क्षमता के सोलर प्लांट लगाए जाएंगे. इससे दिन के समय अस्पतालों की आवश्यक बिजली जरूरतों का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा किया जा सकेगा. अस्पतालों में 24 घंटे बिजली की आवश्यकता होती है. ऐसे में सोलर सिस्टम लगने से ग्रिड पर निर्भरता कम होगी. बिजली आपूर्ति अधिक भरोसेमंद बनेगा. इसके साथ ही साथ ही लंबे समय तक बिजली बिल में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है.

ऊर्जा संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह पहल ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा. सौर ऊर्जा के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और सरकारी अस्पताल स्वच्छ एवं टिकाऊ ऊर्जा के उपयोग का उदाहरण बनेंगा. इससे स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर एवं निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी.

क्या कहते हैं सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की योजना के तहत जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से सोलर पैनल लगाए जाएंगे. इससे अस्पतालों में बिजली की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होगी. बिजली व्यय में कमी आएगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी. मार्च 2027 तक सभी अस्पतालों को सोलर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है.

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Author: Anil kunar jha

Published by: Gajendra kumar

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