Madhubani News: मधुबनी जिले के झंझारपुर अनुमंडल अस्पताल में मरीज के परिजन के साथ हुई चप्पल से मारपीट की घटना में आरोपी डाटा ऑपरेटर अनिता कुमारी की संलिप्तता और गलती पूरी तरह साबित हो गई है. पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने गहन पड़ताल और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मारपीट और गाली-गलौज के इन गंभीर आरोपों को बिल्कुल सही पाया है.
Health Department Action: जांच कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज बना सबूत
कैथीनिया गांव के रहने वाले पीड़ित प्रेम कुमार ठाकुर के लिखित आवेदन के बाद अनुमंडल अस्पताल के डीएस डॉ रमन पासवान ने पांच सदस्यों की एक उच्चस्तरीय जांच टीम का गठन किया था. इस टीम में डॉ विमलेंदु कुमार, डॉ शाहिद सरफरुद्दीन, अस्पताल प्रबंधक झा गिरीश कुमार, स्थापना लिपिक अंजार अहमद और जीएनएम रूबी कुमारी शामिल थे. टीम ने जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट डीएस को सौंप दी है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी का गलत रवैया उजागर हुआ है.
कॉल रिसीव करने से इंकार और अस्पताल से नदारद
जांच प्रक्रिया के दौरान आरोपी डाटा ऑपरेटर की लापरवाही भी सामने आई. अस्पताल प्रबंधन द्वारा आरोपी अनिता कुमारी को अपना पक्ष रखने के लिए 321 बार फोन लगाया गया, लेकिन उन्होंने एक भी कॉल रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा. हद तो तब हो गई जब जांच के निर्धारित दिन भी वह अस्पताल से पूरी तरह नदारद रहीं. हालांकि, अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में वह स्पष्ट रूप से चप्पल से पीटते और गाली-गलौज करते हुए कैद पाई गईं.
डीएस और अस्पताल प्रबंधक का कड़ा रुख
अस्पताल प्रबंधक झा गिरीश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज में पूरी वारदात स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड है. वहीं डीएस डॉ रमन पासवान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी अस्पताल परिसर में मरीज के परिजन के साथ इस तरह की अमानवीय और शर्मनाक हरकत किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट सिविल सर्जन को भेज दी गई है और दोषी कर्मी पर जल्द से जल्द कड़ी विभागीय कार्रवाई तय है
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