Madhubani News: मधुबनी साइबर थाना पुलिस ने समूह लोन दिलाने का झांसा देकर महिलाओं के बैंक खातों का दुरुपयोग करने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में पुलिस ने एक दंपती को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से 53 बैंक पासबुक, 47 चेकबुक, 22 मोहर और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.
महिलाओं के नाम पर खुलवाते थे बैंक खाते
बुधवार को प्रेसवार्ता में एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी महिलाओं को समूह लोन दिलाने का झांसा देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे. इसके बाद एटीएम कार्ड, चेकबुक, बैंक दस्तावेज और नए सिम अपने कब्जे में रख लेते थे. बाद में इन्हें असम, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक समेत कई राज्यों में सक्रिय साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया जाता था, जिनके जरिए साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता था.
महिला की शिकायत पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, 14 जुलाई को नगर थाना क्षेत्र के हराजगंज गुड्डी गाछी वार्ड-27 निवासी एक महिला ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी. इसके आधार पर साइबर थाना में मामला दर्ज कर पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई.
तकनीकी अनुसंधान के बाद रहिका थाना क्षेत्र में छापेमारी कर विजय चंद्र पाल और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया.
91 साइबर शिकायतों से जुड़े मिले बैंक खाते
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बैंक खातों और दस्तावेजों का इस्तेमाल साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की. जांच में सामने आया कि इनके बैंक खातों से संबंधित अब तक 91 साइबर शिकायतें विभिन्न राज्यों में दर्ज हो चुकी हैं.
नेटवर्क और संपत्ति की होगी जांच
पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है. दोनों आरोपियों की संपत्ति की जांच भी आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) से कराई जाएगी.
एसपी ने कहा कि इस मामले के सफल उद्भेदन के लिए साइबर थाना की पूरी टीम को पुरस्कृत करने की अनुशंसा की जाएगी.
प्रेसवार्ता में डीएसपी (साइबर) अंकुर कुमार सहित साइबर थाना के कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे.
