Madhubani News: टेलीकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के सौजन्य से तथा मिथिला सेवा समिति के संचालन में मंगलवार को विवेकानंद मिशन विद्यापीठ, माधोपुर (पंडौल) में साइबर फ्रॉड, टेलीकॉम एवं ब्रॉडकास्टिंग क्षेत्र में टैरिफ और बिलिंग से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और सुरक्षित डिजिटल सेवाओं के उपयोग की जानकारी दी.
उपभोक्ताओं को बताए गए उनके अधिकार
कंज्यूमर जागरूकता ग्रुप के सदस्य सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि ब्रॉडकास्टिंग क्षेत्र में पारदर्शिता लाने, उपभोक्ताओं की पसंद को बढ़ावा देने और उचित कीमत पर गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न नियम लागू किए गए हैं. उन्होंने बताया कि यदि कोई उपभोक्ता केवल एक समाचार, फिल्म या मनोरंजन चैनल देखना चाहता है तो उसे केवल उसी चैनल का शुल्क देना होगा. उपभोक्ता अपनी आवश्यकता और बजट के अनुसार चैनलों का चयन कर सकता है.
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टीवी बिल और सेवा बाधित होने के नियम समझाए
उन्होंने बताया कि टीवी बिल में चैनल शुल्क, बुकेट शुल्क, सेट-टॉप बॉक्स का किराया तथा टैक्स जैसे विभिन्न घटक शामिल होते हैं. चैनलों की कीमत संबंधित ब्रॉडकास्टर तय करता है. यदि किसी उपभोक्ता की टीवी सेवा 72 घंटे से अधिक समय तक बाधित रहती है तो लागू नियमों के अनुसार उसे आनुपातिक छूट का लाभ मिल सकता है.
साइबर फ्रॉड से बचाव के दिए सुझाव
कार्यक्रम को जियो टेलीकॉम के जियो प्वाइंट प्रबंधक शिवम कुमार तथा सहायक प्रबंधक सुजीत कुमार ठाकुर ने भी संबोधित किया. उन्होंने साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय, सुरक्षित डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी.
इस अवसर पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक डॉ. प्रशांत, विवेकानंद मिशन विद्यापीठ के प्राचार्य आदित्य चौधरी तथा जियो टीवी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. सभी वक्ताओं ने उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया.
