नियोजित शिक्षक वेतन: मधुबनी जिले के घोघरडीहा प्रखंड क्षेत्र के सैकड़ों नियोजित शिक्षकों को पिछले तीन महीनों से मानदेय (वेतन) का भुगतान नहीं हुआ है. समय पर मानदेय नहीं मिलने के कारण शिक्षकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. विद्यालयों में नियमित रूप से पठन-पाठन और विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि महीनों से मानदेय लंबित रहने से उनके परिवार का मासिक बजट पूरी तरह चरमरा गया है.
उधार लेकर घरेलू खर्च और किस्त चुकाने को मजबूर शिक्षक
शिक्षकों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि लगातार वेतन भुगतान में देरी के चलते घर चलाना दूभर हो गया है. कई शिक्षकों को अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है.
शिक्षकों के समक्ष आ रही प्रमुख समस्याएं:
- दैनिक खर्च और पारिवारिक संकट: घर के जरूरी राशन और रोजमर्रा के सामान की खरीदारी मुश्किल हो गई है.
- बच्चों की पढ़ाई प्रभावित: बच्चों के स्कूल की मासिक फीस और शैक्षणिक खर्च समय पर नहीं दे पा रहे हैं.
- बैंक ईएमआई व अन्य देनदारी: समय पर वेतन न आने से बैंक ऋण की किस्तें (ईएमआई) डिफॉल्ट होने का खतरा बढ़ गया है.
- मानसिक तनाव: नियमित ड्यूटी के बावजूद आर्थिक अभाव के कारण शिक्षण कार्य पर भी असर पड़ रहा है.
आवंटन प्राप्त होते ही होगा भुगतान: विभागीय अधिकारी
शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों से संज्ञान लेते हुए पिछले तीन माह के बकाये वेतन का अविलंब भुगतान कराने की पुरजोर मांग की है. शिक्षकों का कहना है कि समय पर भुगतान मिलने से वे मानसिक तनाव से मुक्त होकर बेहतर शिक्षण कार्य कर सकेंगे. वहीं पूरे मामले पर विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिला स्तर से नियोजित शिक्षकों के मद में पर्याप्त राशि का आवंटन अब तक प्राप्त नहीं हुआ है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जैसे ही राज्य मुख्यालय से राशि का आवंटन जिला को मिलेगा, वैसे ही सभी शिक्षकों के खातों में वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
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